बिहार चुनाव आते ही प्रतिबंधित रणवीर सेना को एक बार फिर कौन हवा दे रहा है?

ऐसा कोई भी शख्स जिसने इस संगठन की यात्रा पर गौर किया होगा और उत्तर भारत की वर्चस्वशाली जाति के साथ उसके नाभिनालबद्ध रिश्ते को देखा होगा, वह जानता होगा कि आज भी सत्ताधारी हलकों में उसका कितना रसूख है।

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अमेरिका की भारत प्रशांत रणनीति का हिस्सा बनने से सरकार को बचना चाहिए: अखिलेंद्र प्रताप सिंह

भारत को अपनी विदेश नीति में बदलाव करना चाहिए और अमेरिका के भारत प्रशांत सैन्य रणनीति से अलग करना चाहिए। भारत राष्ट्र राज्य निर्माण के अभी भी प्रक्रिया में है। उसे लोकतंत्र को कुंजी मानते हुए नागरिकों में नागरिकता बोध पैदा करना चाहिए, सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास करते हुए सीमा विवाद के मुकम्मल निस्तारण के लिए काम करना चाहिए चाहे वह चीन, पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका या भूटान हो.

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ओबीसी आरक्षण पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की तैयारी में मोदी सरकार!

8 मार्च 2019 को केन्द्र सरकार द्वारा गठित चार सदस्यीय कमिटी- जिसके अध्यक्ष डीओपीटी के पूर्व सचिव बी.पी. शर्मा बनाये गये- ने अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंप दी जिसके अनुसार अन्य पिछड़ा वर्ग के क्रीमी लेयर की आधार वार्षिक आय में वेतन से प्राप्त आय और कृषि से प्राप्त आय को जोड़ने का प्रस्ताव है, जो ओबीसी वर्ग के लिए घातक सिद्ध होगा।

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ट्रेन से कट कर जान देने वाली आयुषी में देखिए महिला सशक्तिकरण के ‘योगी मॉडल’ का सच!

उत्तर प्रदेश में 181 रानी लक्ष्मी बाई आशा ज्योति विमेन हेल्पलाइन के उन्नाव जिले में काम करने वाली 32 वर्षीय आयुषी सिंह ने कानपुर में ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। वजह यह थी कि उसे ग्यारह महीने से वेतन नहीं मिला था और उसे नौकरी से निकालने का नोटिस 5 जून को दे दिया गया था। आयुषी की पांच साल की बेटी है और उसका विकलांग पति है।

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सिक्किम: लॉकडाउन ने दो-तिहाई परिवारों की मासिक आय को आधे से भी कम कर दिया

हमारे नमूने में प्रति व्यक्ति 24 हजार रुपये से अधिक की मासिक आय वाले केवल दो परिवार हैं, लेकिन 40 फीसदी से ज्यादा (150 में से 62) उत्तरदाताओं ने बताया है कि घोषणा के दो महीने बाद भी लॉकडाउन के दौरान उन्हें मुफ्त राशन नहीं मिला है। केवल 7 उत्तरदाताओं ने बताया है कि उन्हें अपने जन-धन खाते में धन प्राप्त हुआ है।

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ओडिशा के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्र कटक में लोग शहरी रोजगार गारंटी की मांग क्यों कर रहे हैं?

विभिन्न आय वर्गों के लिए लॉकडाउन से पहले मासिक प्रतिव्यक्ति आय और लॉकडाउन के दौरान मासिक प्रतिव्यक्ति आय के अनुपात को यदि हम देखें, तो हम पाते हैं कि यह अनुपात शीर्ष 20 फीसदी परिवारों के लिए महज 35 फीसदी है जबकि सबसे नीचे के 20 फीसदी परिवारों के लिए यह 85 फेससदी तक जाता है

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सतत विकास के लिए आयु-अनुकूल व्यापक यौनिक शिक्षा क्यों है ज़रूरी?

इस शिक्षा को आप कोई भी नाम दे सकते हैं- ‘लाइफ स्किल्स एजुकेशन’ या ‘हेल्थ एजुकेशन‘, या ‘कम्प्रेहेन्सिव सेक्सुएल्टी एजुकेशन (सीएसई – व्यापक यौनिक शिक्षा). महत्वपूर्ण बात यह है कि इस शिक्षा का मुख्य उद्देश्य है: युवा वर्ग को अपनी व्यक्तिगत गरिमा तथा मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए समुचित जानकारी उपलब्ध कराना तथा एक सकारात्मक सोच विकसित करके जेंडर समानता की ओर अग्रसर होना।

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बिहार: नीतीश कुमार की आखिरी पारी साबित हो सकता है यह चुनाव

भाजपा अपनी राजनीति में बहुत स्पष्ट है और कमज़ोर आदमी को ग़ुलाम बनाना चाहती है। बिहार में स्थिति जितनी ख़राब होगी राज्य सरकार के लिए उतनी ही कठिन और अनुकूल होगी और यह माहौल भाजपा के लिए लाभदायक होगा। भाजपा का मानना है कि मध्यम वर्ग और व्यापारी समुदाय पहले ही की तरह उनके साथ बने रहेंगे लेकिन नीतीश कुमार, भाजपा की इस सस्ती और घटिया राजनीति को समझने में नाकाम रहे।

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बलात्कार पीड़िता पर ही दोषारोपण करने के मामले में जज को हटानी पड़ी आपत्तिजनक टिप्पणी

कुछ दिन पहले 22 जून को कर्नाटक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस कृष्णा दीक्षित ने बलात्कार के एक मामले में संदिग्ध को जमानत दी थी। दरअसल, राकेश बी. बनाम कर्नाटक राज्य के इस मुकदमे में न्यायाधीश महोदय ने बलात्कार के अभियुक्त को गिरफ्तारी पूर्व जमानत देते हुए कहा था कि शिकायतकर्ता उस कथित अपराध के बाद सो गयी थी ‘‘जो एक स्त्री के लिए अशोभनीय है; यह वह तरीका नहीं है जैसी कि हमारी महिलाएं व्यवहार करती हैं जब उन्हें प्रताडित किया जाता है।’’

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कानून का राज होता यहां तो दो ‘गज’ दूरी के चक्कर में नप गया होता पूरा देश!

विधिक माप अधिनियम 2009 के अनुसार किसी भी व्यक्ति या संस्था द्वारा पोस्टर विज्ञापन अथवा दस्तावेज़ में मीट्रिक प्रणाली के अलावा नाप जोख की किसी दूसरी प्रणाली के शब्द का इस्तेमाल कानूनन जुर्म है, जिसके लिए दस हज़ार रुपए का जुर्माना या एक साल तक की सज़ा हो सकती है।

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