आत्मनिर्भर भारत के बहाने अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ती सरकारें

2014 के लोकसभा चुनाव से पहले मोदी जी ने दावा किया था कि प्रतिवर्ष दो करोड़ लोगों को रोजगार देंगे लेकिन देश में उत्पादन विरोधी नीतियों के कारण रोजगार देने के दावे और वादे खोखले साबित हुए जबकि ठीक उसका उल्टा पब्लिक सेक्टर एव संगठित, असंगठित प्राइवेट सेक्टरों में छंटनी की प्रक्रिया बहाल कर दी गयी और करोड़ों मजदूर काम से बाहर हो गए।

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सिक्किम: लॉकडाउन ने दो-तिहाई परिवारों की मासिक आय को आधे से भी कम कर दिया

हमारे नमूने में प्रति व्यक्ति 24 हजार रुपये से अधिक की मासिक आय वाले केवल दो परिवार हैं, लेकिन 40 फीसदी से ज्यादा (150 में से 62) उत्तरदाताओं ने बताया है कि घोषणा के दो महीने बाद भी लॉकडाउन के दौरान उन्हें मुफ्त राशन नहीं मिला है। केवल 7 उत्तरदाताओं ने बताया है कि उन्हें अपने जन-धन खाते में धन प्राप्त हुआ है।

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