पंजाब चुनाव में गायब होता कॉरपोरेट वर्चस्व का मुद्दा

आंदोलन का मुख्य जोर कॉर्पोरेट जगत को कृषि क्षेत्र पर नियंत्रण करने से रोकना था। उस समय लगभग सभी राजनीतिक दल इस बात पर सहमत थे कि इन तीन कृषि कानूनों के अंतर्गत कॉरपोरेट्स का कृषि पर पूर्ण अधिकार हो जायेगा। अपने पंजाब दौरे के दौरान राहुल गांधी को यह कहने के लिए मजबूर होना पड़ा कि मोदी सरकार कठपुतली सरकार थी और कॉरपोरेट्स के हितों की सेवा कर रही थी। दुख की बात है कि कृषि और अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों में कॉर्पोरेट वर्चस्व को रोकने के मुद्दे का उल्लेख किसी भी राजनीतिक दल ने अपने चुनाव प्रचार या चुनावी घोषणापत्र में भी नहीं किया है।

Read More

पहले अडानी, अब अम्बानी की सफाई ने सरकार के साथ इनके गठजोड़ को उघाड़ दिया है!

जिस किसान आंदोलन को मोदी सरकार और उनके पूंजीपति मितरों ने हल्के में लिया था अब उसकी गहराई और गंभीरता उनकी नींद उड़ा चुकी है।

Read More

अडानी-अम्बानी से बयाना मोदी ने लिया है, सांसदों ने नहीं, इसलिए वे इस्तीफ़ा दें: शिवाजी राय

पूर्वांचल के बड़े किसान नेता, किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष और किसान आंदोलन समर्थन समिति, लखनऊ के संयोजक शिवाजी राय मंगलवार को टिकरी बॉर्डर पर किसानों के मंच पर थे. जनपथ की ओर से पत्रकार नित्यानंद गायेन ने इस मौके पर उनसे बात की है.

Read More

अंबानी-अडानी के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित मुख्यालय पर 15000 किसानों का विरोध प्रदर्शन

जब आन्दोलन दिल्ली पहुँचा तो सरकार ने नेताओं को मजबूर किया कि वे धारावार आलोचना पेश करें और नेताओं ने सर्वसम्मति से इस आलोचना के साथ 3 दिसम्बर को सरकार को यह समझा दिया कि अगर किसानों की जमीन व जीविका बचनी है तो ये तीनो कानून वापस होने होंगे। पर सरकार ने खुद-ब-खुद 8 मुद्दे छांट लिये और अब वह यह दावा कर रही है कि यही 8 मुद्दे मुख्य हैं।

Read More

किसानों ने ठुकराया सरकार का प्रस्‍ताव, खोलेंगे अम्‍बानी-अडानी के खिलाफ़ मोर्चा

बुधवार शाम हुई प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में किसान संगठनों ने अगले कुछ दिनों की अपनी रणनीति की घोषणा की, जिसमें सबसे बड़ा ऐलान रिलायंस और अडानी के खिलाफ खुलेआम मोर्चा खोलना है।

Read More

चेयरमैन पद पर अम्बानी का रास्ता साफ़ करने के लिए जगदीश उपासने बनाये गये भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष?

बीती फरवरी में ए. सूर्यप्रकाश प्रसार भारती के चेयरमैन पद से सेवामुक्त हुए थे, तब से यह पद खाली है. सूर्यप्रकाश लगातार दो कार्यकाल तक चेयरमैन रहे. उनके जाने के बाद से प्रसार भारती के बोर्ड में 13 पद खाली पड़े हुए हैं.

Read More