स्मृतिशेष: हिंदीपट्टी के युवाओं में वाम-इतिहासबोध रोपने वाले एक अभिभावक का जाना

दिल्ली के बौद्धिक सर्किल ने लाल बहादुर जी को उस तरह से सपोर्ट नहीं किया जैसा उन्हें करना चाहिए था। शायद दिल्ली की अंग्रेजी दुनिया में ऐसे लोगों को ज्यादा सर नहीं चढ़ाया जाता जो गैर-अंग्रेजी फलक से क्रांतिकारी चेतना का विश्वविद्यालयी दुनिया से बाहर विस्तार चाहते हैं।

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इतिहास के सिलेबस में UGC का किया ताज़ा बदलाव उर्फ RSS का ‘आइडिया ऑफ भारत’

यह पहली बार हुआ है कि यूजीसी ने पूरे का पूरा पाठ्यक्रम ही नए सिरे से गढ़ने की कोशिश की है, जिसमें से विश्वविद्यालय मात्र 20-30 प्रतिशत की ही काट-छांट कर पाएंगे। इससे पहले यूजीसी सिर्फ कुछ सामान्य निर्देश देता था।

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