फ़लस्तीन-इज़रायल: सात दशक पुराना एक अंतहीन टकराव और ताज़ा अध्याय

विशेषज्ञों का मानना है कि सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने इज़रायल का सिर्फ रस्मी विरोध किया है क्योंकि दोनों देश लगातार अपने संबंध को इज़रायल के साथ मजबूत कर रहे हैं। यूएई ने इज़रायल में अपना दूतावास भी बनाया है और दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध भी स्थापित हो चुके हैं। इसी का परिणाम है कि इज़रायल लगातार फ़लस्तीन को दबाने की कोशिश कर रहा है।

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गाहे-बगाहे: कुछ नहीं है तो अदावत ही सही!

महाभारत अनेक झूठी बातों का पुलिंदा ही है, बेशक इस झूठ में पुरुष-श्रेष्ठता के कई महान और घृणित प्रयास निहित हैं और स्त्रियां सबसे कमजोर जीव हैं। उन्होंने आँखों पर पट्टी बांधने, सती होने, यौन-शेयरिंग करने और मुसलसल गुलामी व बलात्कार झेलने के अलावा किया ही क्या है?

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