इतिहास बहुत क्रूर होता है, प्रधानसेवक महोदय! जन्मदिन की शुभकामनाएं…

गडकरी की बात डराती है, सीएम और मिनिस्टर्स का डर डराता है, किसी को आपके अगले मूव, अगली चाल का पता न होना डराता है। सूचनाओं का एकतरफा प्रवाह डराता है, शासन का बिल्कुल केंद्रशासित हो जाना डराता है। आज ट्विटर पर हो रहे ख़तरनाक ट्रेंड डरा रहे हैं, एक गुट भक्तएंथम ट्रेंड कर रहा है, तो दूसरा अखंड पनौती दिवस ट्रेंड करवा रहा है, समाज का इतना तीखा बंटवारा डरा रहा है।

Read More

बात बोलेगी: ‘कम्पल्शन’ के दरबार में ‘कन्विक्शन’ का इकरार

इस भारतवर्ष की सृष्टि में जब सब कुछ आपकी मर्ज़ी से ही हो रहा है तो क्या कोरोना की भेंट चढ़ गए लोग भी आपकी ही इच्छा थी? क्या ऑक्सीज़न के लिए तरसते और उसके लिए भटके लोगों के चित्र आपकी ही लीला थी? नोटबंदी से लेकर जीएसटी और फिर देशव्यापी लॉकडाउन में जो लोग अपनी अपनी देह से मुक्त हुए क्‍या वह भी आपकी कोई रचना थी? आपका ये ‘कंविक्शन’ कितनी लाशों के बाद पूरा होगा, हुजूर?

Read More

हर्फ़-ओ-हिकायत: नया बनारस बन रहा है, काशी का दम उखड़ रहा है!

कोई कहता है कि बनारस विकास कर रहा है, तो मैं दावे से कहता हूं कि वह बनारस को नहीं जानता है। बनारस के ऐतिहासिक प्रतीकों को आज संरक्षण की जरूरत है, लेकिन धार्मिक नगरी का सर्टिफिकेट देकर इसके ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व को हमेशा कमतर किया जाता रहा है। बीते तीन-चार साल में बाकायदे इन प्रतीकों का विध्‍वंस हुआ है विकास के नाम पर।

Read More

क्या मोदी बनारस में पार्टी और प्रधानमंत्री पद का भविष्य योगी के हाथों में सौंपने पहुंचे थे?

कोरोनाकाल की दूसरी लहर के दौरान भगीरथी गंगा द्वारा अपने कोमल शरीर पर बहती हुई लाशों की यंत्रणा बर्दाश्त कर लिए जाने के बाद अपनी पहली यात्रा में प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के कोरोना प्रबंधन को अभूतपूर्व घोषित करते हुए इतनी तारीफ़ की कि वहां उपस्थित मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी भी भौचक्के रह गए होंगे।

Read More

क्या प्रधानमंत्री को पता है कि लोग उनके सम्बोधन से पहले किसी अनजान आशंका से भर जाते हैं!

प्रधानमंत्री को जनता की यह सच्चाई कभी बतायी ही नहीं गयी होगी। सम्भव यह भी है कि प्रधानमंत्री ने ऐसा कुछ पता करने की कोई इच्छा भी कभी यह समझते हुए नहीं ज़ाहिर की होगी कि जो लोग उनके इर्द-गिर्द बने रहते हैं वे सच्चाई बताने के लिए हैं ही नहीं।

Read More

‘आज’ के दिवंगत निदेशक की पत्नी ने लगायी थी PM से इंसाफ की गुहार, आज तक है जवाब का इंतज़ार

पति के निधन के 19 दिन बाद 12 मई को प्रधानमंत्री को लिखे अपने पत्र में अंजलि ने लिखा है: ‘’कोरोना ने नहीं, अस्पताल वालों के क्रूर व्यवहार और लापरवाही ने उन्हें असमय हमसे दूर कर दिया है। मेरे बच्चों ने अपना पिता और मैंने अपने पति को हमेशा के लिए खो दिया है।‘’

Read More

बात बोलेगी: बारहवीं की सरकारी तेरहवीं और मेरिटोक्रेसी का मिडिल क्लास अचार

अचार की तरह हिंदुस्तान में बारहवीं कक्षा का इम्तिहान भी भविष्य के महलों की बुनियाद है। बारहवीं कक्षा की अंकसूची और उसका पर्सेंटाइल भी अचार की तरह का एक जायका है। इन दोनों तरह के जायकों पर ही जैसे मोदीयुग में संकुचित होते मध्यवर्ग का वजूद टिका है।

Read More

नरेंद्र मोदी के पैदा किये सवालों के जवाब राहुल गांधी के पास हैं, लेकिन वही उनकी चुनौती भी हैं!

राहुल गांधी के भाषण हों या पत्रकार वार्त्ताएं, देश की आर्थिकी के संबंध में वे खुल कर अपने विचार व्यक्त करते हैं और तब यह सोच कर ताज्जुब होता है कि मनमोहन सिंह के दस वर्षों के शासनकाल में उनकी ऐसी सोच कहां थी, जब वे संविधानेतर शक्ति के रूप में सत्ता पर बेहद प्रभावी थे।

Read More

सात साल में भाजपा देवकान्त बरुआ के लाखों-करोड़ों क्लोन वाली इंदिरा काँग्रेस बन गयी है!

मोदी ने भाजपा को 1975 से 1984 के बीच की भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में बदल दिया है जिसमें देवकांत बरुआ जैसे चारणों ने इंडिया को इंदिरा और इंदिरा को इंडिया बना दिया था। पिछले सात साल में भाजपा में बरुआ के लाखों-करोड़ों क्लोन खड़े कर दिए गए हैं।

Read More

राजपथ के रंगीन सपनों में खलल के बीच छवि बनाने का ‘संघठनात्‍मक’ अभियान

राजा और प्रजा के बीच उत्पन्न हुआ विश्वास का संकट उन रंगीन सपनों में ख़लल डाल सकता है जो नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन और इंडिया गेट के बीच राजपथ पर आकार ले रहे हैं। सारी परेशानी बस इसी बात की है।

Read More