Open Space

View All

#जनरल_डायर_नीतीश_कुमार और #मुंगेर_नरसंहार के साये में पहला मतदान

भाजपा के लिए टर्फ केवल मुंगेर का ही कठिन नहीं है, आज जिन 16 जिलों में चुनाव हो रहे हैं, वे आरजेडी का मजबूत दुर्ग हैं और 2015 में लालटेन और तीर ने मिलकर कमल को बर्बाद कर दिया था।

Voices

View All

पुलिस के हथियारों से मुंगेर में हुआ नरसंहार: घटनाक्रम, संदर्भ व मांगें

बीते 26 अक्टूबर की रात मुंगेरवासियों के लिए दर्द-आंसुओं से भरी एक खौफनाक रात थी, जब दुर्गापूजा के मूर्ति विसर्जन के दौरान दर्जनों लोगों पर पुलिस प्रशासन ने गोलियां चलायीं व बेरहमी से लाठीचार्ज किया। इसमें 18 साल के अनुराग की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी।

Editor’s Choice

View All

नीतीश जी! आपको क्या हुआ है? आप किससे लड़ रहे हैं?

आखिर वह कर क्या रहे हैं? बोल क्या रहे हैं? किस के खिलाफ वह लड़ रहे हैं? किस के पक्ष में वह लड़ रहे हैं? उन्हें आगे करके उनके चमचों को बिहार लूटना है. उन्हें गलत जानकारियां दी जा रही हैं. जिस चौकड़ी से नीतीश घिरे हैं, वह भ्रष्ट तो है लेकिन बहुत चालाक है. इनसे यदि वह बाहर नहीं आए तो यह उनका और बिहार का दुर्भाग्य होगा.

Lounge

View All
A Rabari Woman

लोकतंत्र में हिस्सेदारी और आज़ादी के अनुभव: घुमंतू और विमुक्त जन का संदर्भ

पिछले 12 अक्टूबर 2020 को भारत भर के घुमंतू एवं विमुक्त समुदाय के बुद्धिजीवियों, नेताओं और शोधकर्ताओं ने 1871 के ‘क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट’ की 150वीं वर्षगाँठ मनाने का निर्णय लिया है। यह भारतीय इतिहास का कोई गौरवशाली क्षण नहीं है बल्कि यह अन्याय और हिंसा की राज्य नियंत्रित परियोजनाओं का सामूहिक प्रत्याख्यान है।

COLUMN

View All

बात बोलेगी: ‘टिकाऊ’ और ‘बिकाऊ’ बटमारों के दो लोकतांत्रिक शगल

बिहार पर बहुत बात हो रही है। लगभग एक तरह की ही बात हो रही है। बदलते मौसम की बात करना वैसे भी सबसे बड़ा शगल है हमारे समाज का। चुनाव के संदर्भ में यह शगल सत्‍ताधारी दल के बदलाव को लेकर है। इस बीच मध्य प्रदेश का उपचुनाव मेले के किसी कोने में लगी उस दुकान की तरह है जहां आम तौर पर सट्टेबाज बैठते हैं जिन पर ध्यान सबका रहता है पर वहां कोई जाता नहीं।

Review

View All

लोकप्रिय आध्यात्मिकता की आड़ में पूंजी, सियासत और जाति-अपराधों के विमर्श का ‘आश्रम’

आश्रम सबसे महत्वपूर्ण बिन्दु यह सिखाती है कि धर्म को केवल एक पहलू से समझने की गलती नहीं करनी चाहिए। वो भी भारतीय समाज में तो और नहीं, जिसका आधार ही धार्मिक मान्यताओं पर टिका हो।

Blog

View All

बिहार में NDA के खिलाफ लोगों के विरोध और खाली मैदान दिखाने से मीडिया शरमाता है

इस बार बिहार के मतदाताओं में मौजूदा सरकार यानी बीजेपी-जदयू वाले गठबंधन के खिलाफ़ भारी आक्रोश है. हालत यह है कि खाली सभाओं को छिपाने के लिए पुरानी तस्वीरें लगाकर सोशल मीडिया पर झूठा प्रचार तक किया गया.