कृषि विरोधी कानूनों के खिलाफ किसानों के सफल चक्का जाम का व्यापक असर

गुरुवार को 500 से अधिक किसान संगठनों द्वारा “कॉर्पोरेट भगाओ-खेती-किसानी बचाओ-देश बचाओ” के केंद्रीय नारे पर देशव्यापी चक्का जाम का आह्वान किया गया था। माकपा सहित प्रदेश की पांचों वामपंथी पार्टियों के कार्यकर्ता भी इस आंदोलन के समर्थन में सड़कों पर उतरे।

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गोंडवाना रिपब्लिक के स्वप्नद्रष्टा हीरा सिंह मरकाम नहीं रहे, पढ़ें एक पुरानी बातचीत

हमारे समाज की पांच मुख्य समस्याएँ हैं। 1. भय 2. भूख 3. भ्रष्टाचार 4. भगवान व भाग्य और 5. भटकाव। ग्रंथ और गुरु के अभाव में सारा गोंडवाना भटक गया है। वैसे ग्रंथ तो कंगाली जी ने बहुत सारा लिख कर दे दिया। हमें लिंगो गुरु को स्थापित करके उनके कोया पुनेम दर्शन का प्रसार-प्रचार करना होगा।

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कमल शुक्ला पर हमले में पत्रकारिता भी घायल हुई है!

कमल शुक्ला पर हमले को लेकर यह सवाल बार-बार पूछा जाता है कि क्या इस घटना को रोका जा सकता था? जवाब मिलता है ‘हां’, रोका जा सकता था! इय हमले की जांच के लिए गठित पत्रकारों की उच्चस्तरीय कमेटी की रिपोर्ट कहती है कि दरअसल यह घटना सोशल मीडिया पर छिड़े महीने भर पुराने एक विवाद का परिणाम थी जिस विवाद में कमल शुक्ला, सतीश यादव, कलेक्टर कांकेर और कमल शुक्ला पर हमला बोलने वाले शामिल थे।

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कमल शुक्‍ला पर हमले को हिंदू-मुस्लिम रंग देकर दंगा-फ़साद के चक्‍कर में थी भाजपा और आरोपी!

कमल शुक्‍ला फिलहाल रायपुर के बूढ़ातालाब धरनास्‍थल पर आमरण अनशन कर रहे हैं। उन्‍हें अनशन पर बैठे चौबीस घंटा हुआ है और उनकी हालत स्थिर है, लेकिन वे मौजूदा हालात से बहुत निराश और क्षुब्‍ध हैं। उन्‍हें इस बात की शिकायत है पत्रकार सतीश यादव पर हमले की बात को जातिवादी लोगों ने गोल कर दिया और उन पर हमले को लेकर जांच समिति बना दी।

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मुआवजा पाये मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने छत्‍तीसगढ़ के CM को कल्‍लूरी पर कार्रवाई के लिए लिखा

विनीत तिवारी सहित छह अन्‍य ने बघेल को लिखे पत्र में कहा है कि झूठे आरोप लगाकर उन्‍हें परेशान करने वाले पुलिस अधिकारियों की गहराई से जांच और कार्यवाही की जानी चाहिए।

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छत्‍तीसगढ़: नीलाम होने वाली कोयला खदानों की लिस्‍ट बदलने के नाम पर धोखा हुआ है!

रिपोर्ट की मानें तो कोयला खदानों और इससे संबंधित गतिविधियों (ताप बिजली संयंत्र, वाशरी, राखड निपटान आदि) के कारण इस इलाके के अत्‍यधिक प्रदूषित होने के दस्‍तावेजी ढेरों प्रमाण उपलब्‍ध हैं और इस इलाके की 9 खदानों को नीलामी में शामिल करना राष्‍ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश का स्‍पष्‍ट उल्‍लंघन है।

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मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने भूपेश बघेल को लिखा पत्र: कल्लूरी पर करें कार्रवाई

पत्र में मुआवजा राशि की प्राप्ति की सूचना देते हुए मुख्यमंत्री बघेल को सुप्रीम कोर्ट और मानवाधिकार आयोग के निर्देशों का अनुपालन करने के लिए धन्यवाद दिया गया है और आशा जाहिर की गयी है कि मानवाधिकार हनन से प्रताड़ित हजारों आदिवासियों और नागरिकों को भी न्याय मिलेगा।

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राज्‍य की असफलताओं पर किताब छापने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता ने मांगी CM की ‘गारंटी’!

अनिल गर्ग जल, जंगल और ज़मीन से जुड़े मसलों के प्रामाणिक विशेषज्ञ हैं। वे बैतूल में रहते हैं ओर बरसों से आदिवासियों व किसानों के बीच काम करते आये हैं। उन्‍होंने बीते सत्‍तर साल के दौरान किसानों के साथ हुए अन्‍यायों पर एक प्रामाणिक दस्‍तावेज़ी किताब तैयार की है।

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भिलाई औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों की बेदखली पर छत्तीसगढ़ के CM को NAPM का पत्र

जब भिलाई औद्योगिक क्षेत्र के निर्माण के लिए दशकों पहले भूमि का अधिग्रहण किया गया था, तो स्वच्छ और विशाल श्रम शिविरों और श्रमिक कॉलोनियों में औद्योगिक श्रमिकों के आवास के लिए कई वादे किए गए थे – लेकिन ये कभी नहीं बनाए गए।

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मुफ्त अनाज का उठाव नहीं, जरूरतमंदों को खाद्यान्न सुरक्षा से वंचित कर रही है छग सरकार: किसान सभा

प्रति व्यक्ति 5 किलो चावल मुफ्त देने की केंद्र की घोषणा के अनुसार प्रदेश के 40 लाख लोगों को कुछ राहत पहुंचाई जा सकती है लेकिन राज्य सरकार ने केवल 944 टन चावल का उठाव किया है, जो अधिकतम 95 हजार लोगों के बीच ही वितरित किया जा सकता है।

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