गाहे-बगाहे: अपने साये में सिर पाँव से है दो कदम आगे

प्रधानमंत्री जी ने ब्राह्मणवाद की दीवार पर अपने नाम का शिलापट्ट लगवा दिया और इस प्रकार उन्होंने भारतीय जनता को एक संदेश दिया कि ये ऐसे लोग हैं जो सत्ता के सहयोग से जितना भी उपद्रव मचा लें लेकिन जनता चाहे तो अपनी सरकार बनाकर इन्हें पूरी तरह ध्वस्त कर सकती है।

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राग दरबारी: क्या एक समाजशास्त्री की व्याख्या हमेशा निष्पक्ष होती है?

पिछले हफ्ते समाजशास्त्री प्रोफेसर बद्री नारायण ने बीबीसी हिन्दी की वेबसाइट पर एक लेख लिखा जिसका शीर्षक था- ‘कोरोना वायरस ने भारत से जाति की दीवार को ढहा दिया है?’ …

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