मोदी सरकार के लेबर कोड मजदूरों की गुलामी का दस्तावेज़ हैं!

‘ईज आफ डूयिंग बिजनेस’ के लिए मोदी सरकार द्वारा लाए मौजूदा लेबर कोड मजदूरों की गुलामी के दस्तावेज है। सरकार इनके जरिए रोजगार सृजन के जो भी सब्जबाग दिखाए सच्चाई यही है कि ये रोजगार को खत्म करने और लोगों की कार्यक्षमता व क्रय शक्ति को कम करने वाले ही साबित होंगे। इससे मौजूदा आर्थिक संकट घटने के बजाए और भी बढ़ेगा और पर्याप्त कानूनी सुरक्षा के अभाव में औद्योगिक अशांति बढेगी जो औद्योगिक विकास को भी बुरी तरह से प्रभावित करेगी।

Read More

पॉलिटिकली Incorrect: लेनिन की किताब के उस मुड़े हुए पन्‍ने में अटकी देश की जवानी

जिस अनुपात में भारतीय अर्थव्यवस्था मिस-मैनेज हो रही है, हो सकता है कि आने वाले दिनों में किसी 15 अगस्त या 26 जनवरी को मोदी, बिड़ला की जागीर हो चुके लाल किले की प्राचीर से भगत सिंह को ‘टीम वर्क’ का गुरु घोषित कर दें और शहीदे आज़म भगत सिंह सरकारी कार्यालयों में मैनेजमेंट गुरू के फ्रेम में दिखना शुरू हो जाएं।

Read More

श्रम संहिता बिल के खिलाफ़ दिल्ली में मजदूर संगठनों का संयुक्त प्रदर्शन

दिल्ली के जंतर-मंतर पर ऐक्टू(AICCTU) समेत एटक (AITUC), सीटू (CITU), इंटक(INTUC), एच.एम.एस (HMS), ए.आई.यू.टी.यू .सी (AIUTUC), यू.टी.यू.सी (UTUC), सेवा (SEWA), एल.पी.एफ (LPF) व अन्य संगठनों ने संसद सत्र में पेश होनेवाले श्रम संहिता विधेयकों के खिलाफ प्रदर्शन किया.

Read More

राष्ट्रीय प्रतिवाद दिवस पर ट्रेड यूनियनों की पुकार, देश को बेच रही है मोदी सरकार

आज देश की भर की ट्रेड यूनियनों द्वारा आयोजित राष्ट्रीय प्रतिवाद दिवस में वर्कर्स फ्रंट ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कार्यक्रम कर विरोध दर्ज कराया.

Read More

पॉलिटिकली Incorrect: सत्ता का वर्ग-युद्ध बनाम ट्रेड यूनियनों की सदिच्‍छा

तीन लेबर कोड बिल- इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड, कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी और ऑक्‍युपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड को स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा गया था और मामूली रद्दोबदल के साथ वो अब सीधे लोकसभा में प्रवेश कर चुके हैं।

Read More

AICCTU ने श्रम मंत्रालय के सामने प्रस्तावित श्रम संहिता विधेयकों की प्रतियां जलायीं, गिरफ़्तारी

आज जब मोदी सरकार पूरे देश को बता रही है कि ‘लॉकडाउन’ में मारे गए मजदूरों का उसके पास कोई आंकड़ा नहीं है, तब मजदूर-हितों के लिए बने श्रम कानूनों को खत्म करना, मजदूरों के ऊपर दोहरी मार के समान है

Read More