हम सभै भारत देस औ हियाँ के सब मानुस के सेवा की ताईं जुहाइ कै किरिया उठावा जाय…

अब हम अपने भारतमाता का हिरदय से नमन करत हई, जेका अपने सब सबसे ज्यादा पियार कीन जात है, जउन बहुत पुरान अहै, जउन जनम-जनम से जगमगात अहै, औ जउन सबसे नई अहै

Read More

विद्यार्थियों के लिए एक शोकगीत

अपने आसपास की दुनिया को ध्यान से पढ़ने वाले सभी लोगों को पहले से लग रहा था कि इस महामारी को डिजिटल तकनीकी के प्रसार के लिए बहाने के तौर पर प्रयोग किया जायेगा. यह आशंका सही सिद्ध हो गयी है।

Read More

हिरोशिमा के पचहत्तर साल: भारत में किसका अगस्त है?

आज भारत के प्रधानमंत्री ने इस पर पहले जैसी रस्म-अदायगी के तौर पर भी कुछ नहीं कहा है जबकि उनके ट्विटर पर मंदिर की भव्यता और ऐतिहासिकता पर एक दर्जन से अधिक टीपें शाया हुई हैं.

Read More

कश्मीर एक साल बाद: फिल्मकार संजय काक से एक संवाद

कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटे 5 अगस्त 2020 को एक साल पूरा हुआ। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार जितेंद्र कुमार ने मशहूर डाक्यूमेंट्री निर्माता फिल्मकार संजय काक से कश्मीर पर बात की।

Read More

अयोध्‍या का गांधी, जिसने 1949 में ही कांग्रेस को हिटलरवाद से आगाह कर दिया था!

उनकी मृत्यु एक लंबी बीमारी के बाद 28 अप्रैल 2010 को लखनऊ के मेयो अस्पताल में हो गई। उनकी मृत्यु का दुख उनके कुछ थोड़े-से मित्रों और लंबे समय तक सहयोगी मीरा बहन ने ही महसूस किया। लखनऊ से बाहर चिनहट में अक्षय ब्रह्मचारी आश्रम है जो आज भी इस अयोध्या के गांधी का कार्य आगे बढ़ाने में लगा हुआ है।

Read More

लॉन टेनिस खेलने वाले तीन दोस्‍तों के दिमाग से निकला था बाबरी पर कब्‍ज़े का विचार!

यह स्पष्ट है कि अयोध्या रणनीति का विचार यहीं पैदा हुआ। साथ ही इसमें एक उपहास का भाव भी मिला हुआ था कि योजना व्यावहारिक हो भी सकती है या नहीं?

Read More

लॉकडाउन के तले सरकार ने मजदूरों को उनकी औकात दिखाने का काम किया है

पूर्ण रोजगार की एक नीति के सभी विचारों को नीतिगत चर्चा से दूर रखा जाता है और बेरोजगारी एवं विनाश को बढ़ने दिया जाता है. यह कदम मजदूरी को लेकर मोलभाव करने की मजदूरों की शक्ति को कमजोर करने की नीयत से सिर्फ मजदूरों की एक आरक्षित सेना नहीं बनाये रख रहा है, बल्कि मज़दूरों की उनकी औकात भी दिखाता है.

Read More

भारत में आपराधिक अवमानना की प्रासंगिकता: संदर्भ प्रशांत भूषण

आपराधिक अवमानना पर एक कानून की आवश्‍यकता की समीक्षा करने से आगे बढ़कर अवमानना के पैमाने का भी मूल्‍यांकन किये जाने की ज़रूरत है। यदि ऐसा कोई पैमाना वास्‍तव में होना ही चाहिए, तो वो यह हो कि क्‍या सवालिया टिप्‍पणी कोर्ट को उसका काम करने से रोके दे रही है। इसके अतिरिक्‍त, संस्‍थान की कैसी भी आलोचना को रोकने का साधन इसे नहीं बनने देना चाहिए।

Read More

“मुझे पता नहीं कि भारत देश कितने दिनों तक इस रास्ते पर चलेगा”: साईबाबा को अरुंधति रॉय का पत्र

अंग्रेजी की मशहूर लेखिका अरुंधति रॉय ने नागपुर जेल के अंडा सेल में बंद दिल्ली यूनिवर्सिटी के शिक्षक जी एन साईबाबा को एक चिट्ठी लिखी है। यह चिट्ठी स्क्रॉल पर सबसे पहले प्रकाशित हुई थी। इसे हम हिन्दी में वहां से साभार छाप रहे हैं। इसका अनुवाद जनपथ के स्‍तम्‍‍‍‍‍‍‍भकार और वरिष्ठ पत्रकार जितेन्द्र कुमार ने किया है।

Read More

गुना: राष्ट्रवाद की छाती पर बज रहा जातिवादी बर्बरता का एक शोकगीत

ये कहानी है इस चमचमाते हुए देश में गांव के एक गरीब की। मरते हुए किसान की। सताए गए दलित की। बिलखते हुए बच्चों की।

Read More