संक्रमण काल: उत्तर-मानववाद की आहट

आज हम उत्तर सत्य और उत्तर मानववाद (Post Truth & Post Humanism) के ज़माने में हैं। समाज में जो हाशिए के लोग हैं, मेहनतक़श लोग हैं, उन्हें ख़त्म कर देने की कोशिशें हो रही हैं। इसलिए आवश्यक है कि हम अपनी रणनीति को नए विचारों और सन्दर्भों में निरंतर मांजते रहें।

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संक्रमण काल: महामारी के दौर में डॉक्टरों की भूमिका, सीमाएं और प्रोटोकॉल के कुछ सवाल

कोविड जानलेवा नहीं है। अधिकांश मामलों में हमारा शरीर उससे लड़ सकता है और परास्त कर सकता है। मानवजनित अफरातफरी, जिसके सुनियोजित होने की पूरी आशंका है, ने उसे जानलेवा बना दिया है।

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संक्रमण काल: बदलती हुई दुनिया और उभरते हुए सामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्य पर जिरह

हिंदी में अपने तरह के इस अनूठे कॉलम में यह बात देखने की रहेगी कि भविष्य की दुनिया किन तकनीकी और आर्थिक प्रक्रियाओं के बीच निर्मित हो रही है और किस प्रकार का एक नया सामाजिक, राजनीतिक (और साहित्यिक-सांस्कृतिक भी) परिदृश्य इस बीच आकार ले रहा है।

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