छान घोंट के: भारतीय राष्ट्रवाद के खिलाफ हिंदू और मुस्लिम सांप्रदायिकता का साझा इतिहास

मोहम्मद अली जिन्ना द्वारा दो-राष्ट्र सिद्धांत अपनाने के बहुत पहले से सावरकर इस सिद्धांत का प्रचार कर रहे थे और दोनों ही भारतीय राष्ट्रवाद के खिलाफ थे। एक खास गौरतलब तथ्य है कि मुस्लिम लीग के लाहौर अधिवेशन (मार्च 1940) में पाकिस्तान प्रस्ताव पारित करते समय जिन्ना ने अपने दो-राष्ट्र सिद्धांत के पक्ष में सावरकर के उपरोक्त कथन का हवाला दिया था।

Read More

नौजवानों को लोहिया और भगत सिंह दोनों के विचारों से सीखने की जरूरत है : RMLSS

फासिस्ट ताकतों का मुकाबला करने के लिए आज भगत सिंह और डॉक्टर लोहिया के मार्ग पर चलना और उनके विचारों को फैलाने की जरूरत है।

Read More

किसानों से शुरू होकर यह आन्दोलन सिर्फ़ किसानों का नहीं रह गया है!

यह आवश्यक है कि आन्दोलन लम्बे समय तक डटा रहे और चुनावों पर भी वांछित प्रभाव डाले. अपने तात्कालिक हितों और उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए भी आन्दोलन को राजनैतिक तौर पर कुशल और सचेत होना पड़ेगा. इसके लिए यह भी आवश्यक है कि फ़ासीवाद और सम्प्रदायवाद की विरोधी जनपक्षधर शक्तियाँ भी किसान आंदोलन से सीख लें और राजनैतिक सूझ-बूझ का परिचय दें.

Read More

बंकर में ट्रम्प और दुनिया भर में धुर दक्षिणपंथी नज़रिये की खुलती कलई

यह घटना एक संकेत अवश्य है कि वहां पर ट्रम्प उस तरह से अजेय नही हैं जैसा कि अपने हाव भाव से वे जाहिर करते हैं

Read More