सतत विकास के लिए आयु-अनुकूल व्यापक यौनिक शिक्षा क्यों है ज़रूरी?

इस शिक्षा को आप कोई भी नाम दे सकते हैं- ‘लाइफ स्किल्स एजुकेशन’ या ‘हेल्थ एजुकेशन‘, या ‘कम्प्रेहेन्सिव सेक्सुएल्टी एजुकेशन (सीएसई – व्यापक यौनिक शिक्षा). महत्वपूर्ण बात यह है कि इस शिक्षा का मुख्य उद्देश्य है: युवा वर्ग को अपनी व्यक्तिगत गरिमा तथा मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए समुचित जानकारी उपलब्ध कराना तथा एक सकारात्मक सोच विकसित करके जेंडर समानता की ओर अग्रसर होना।

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दो-तिहाई लोगों का छिना रोजगार, आधी आबादी के पास हफ्ते भर जीने का पैसा नहीं: सर्वे

सर्वे में स्व-रोजगार, दिहाड़ी मजदूर और नियमित वेतन/वेतनभोगी कर्मचारियों की स्थिति का अध्ययन किया गया है

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