शब्द सृजन करते हैं, वे हत्या का हथियार नहीं हो सकते: प्रो. गणेश देवी

प्रगतिशील लेखक संघ का 14वाँ राज्य सम्मेलन 24-25 अक्टूबर को इंदौर के अभिनव कला समाज सभागृह में नई कार्यकारिणी के गठन और जनसरोकारों से संबंधित प्रस्तावों को पारित करने के साथ सम्पन्न हुआ। छिंदवाड़ा निवासी वरिष्ठ कवि मोहन कुमार डहेरिया को प्रदेश अध्यक्ष और भोपाल के कवि अनिल करमेले को महासचिव मनोनीत किया गया।

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कवि को सही-गलत की पहचान हो, इतिहास और मिथक का अंतर पता हो: कुमार अंबुज

प्रगतिशील लेखक संघ की इंदौर इकाई द्वारा 10-11 अक्टूबर, 2026 को दो दिवसीय ‘युवा रचनाशीलता के साथ कविता-संवाद एवं कविता-पाठ’ का आयोजन किया गया जिसमें संभावनाशील नए युवा कवियों ने भाग लिया एवं भोपाल और अशोकनगर से आए वरिष्ठ आमंत्रित कवियों ने कविता-पाठ किया।

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विनीत तिवारी को फिलिस्तीन पर पुस्तक लेखन फेलोशिप का प्रलेस ने किया स्वागत

ग्रंथालय द्वारा जारी आधिकारिक पत्र में विनीत तिवारी के योगदान की सराहना करते हुए कहा गया है, “एक न्यायपूर्ण और शांतिपूर्ण विश्व व्यवस्था के प्रति आपकी अटूट प्रतिबद्धता ने फिलिस्तीन पर सार्वजनिक विमर्श को समृद्ध करने में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। आपके कार्यों ने भारत के समकालीन लेखकों और कार्यकर्ताओं को गहराई से प्रेरित किया है।”

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अजय भवन में विश्वनाथ त्रिपाठी: क्योंकि सौन्दर्य कभी बूढ़ा नहीं होता…

विश्वनाथ जी का ही फोन था। मैंने खुद को उम्मीद करने से रोका। उन्होंने पूछा कि आपको तीन लोग लाने होंगे मुझे कुर्सी पर बिठाकर उतारने के लिए। मैंने कहा हम चार आ जाएँगे। उन्होंने कहा कि मैं एक घंटे से ज़्यादा नहीं बैठ सकूँगा। मैंने कहा अप दस मिनट बाद वापस जाना चाहेंगे तो आपको वापस ले चलेंगे। बोले- ठीक है, आ जाइए। 

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जहां अस्तित्व ही प्रतिरोध है: प्रलेस के आयोजन में छलका फलस्तीन का दर्द

यह अवसर था प्रगतिशील लेखक संघ की भोपाल इकाई द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम का जिसका शीर्षक था ‘जहां अस्तित्व ही प्रतिरोध है। कार्यक्रम के आरंभ में विषय प्रवर्तन करते हुए वरिष्ठ कवि-कथाकार कुमार अम्बुज ने अपने विशिष्ट और नपेतुले अंदाज में बहुत सलीके से विषय को श्रोताओं के सामने खोला।

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दो बरस बाद बेतलहेम में क्रिसमस : नया साल, नये सपने, उम्मीद और हौसले के नाम!

व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए शायद यह पहला नया बरस है और पहली क्रिसमस है जब मैं बहुत खुश हूँ। इसकी वजह है फ़लस्तीन से आया एक ईमेल जिसमें बेतेलहेम की एक दोस्त ने एक वीडियो भेजा है और साथ ही बताया है कि दो साल से ग़ज़ा में हो रहे नरसंहार के चलते बेतेलहेम में और सारे फ़लस्तीन में क्रिसमस नहीं मनाया गया था। इस बार बेतेलहेम में क्रिसमस ट्री सजाई गई और क्रिसमस मनायी गई।

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कविता जीवन पर निर्बल की सच्ची पकड़ है : कुमार अम्बुज को कुसुमाग्रज सम्मान के सन्दर्भ में

मराठी के विशिष्ट कवि कुसुमाग्रज के नाम पर स्थापित सम्मान से हाल में कुमार अम्बुज को सम्मानित किया गया है। कुमार अम्बुज प्रगतिशील लेखक संघ के सक्रिय और वरिष्ठ पदाधिकारी हैं। इस अवसर पर उन्हें बधाइयों के साथ उनकी रचनात्मक यात्रा पर संक्षिप्त टिप्पणी

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इंदौर: प्रलेस के स्थापना दिवस पर पॉल रॉब्सन और राहुल सांकृत्यायन को याद किया गया

इस अवसर पर विख्यात, क्रांतिकारी नीग्रो गायक पाल राब्सन और हमारे समय के महान यायावर लेखक राहुल सांकृत्यायन का जन्म दिवस होने पर उन्हें याद किया गया।

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साहित्य में साम्राज्यवाद और विस्थापन की तलाश: संदर्भ इजरायल-फिलिस्तीन संकट

साम्राज्यवाद को दो पैमानों से पहचाना जा सकता है। पहला यह कि शोषक ताकतें किसी दूसरे देश पर कब्जा करके यानि उसे उपनिवेश बनाकर उस देश के उद्योगों को खत्म कर देती हैं और दूसरा उस देश की उपज और उत्पादन को जबरदस्ती हड़पती जाती हैं।

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इस्माइल शाम्मूत की पेंटिंग

इजराइल के ज़ुल्मों के खिलाफ फिलिस्तीन की खुशहाली के ख्वाब

प्रलेसं इकाई अध्यक्ष डॉ जाकिर हुसैन ने कहा कि इजरायल द्वारा बड़े पैमाने पर महिलाओं, बच्चों की हत्या की गई है। यूरोपीय देशों का दोगलापन सामने आया है। एक तरफ वे ग़जा में खैरात बांट रहे हैं दूसरी तरफ इजराइल को नित नए शास्त्र देकर फिलिस्तीनियों के कत्लेआम में मदद कर रहे हैं। भारत सदैव फिलिस्तीन की जनता के पक्ष में रहा है लेकिन वर्तमान सरकार इजराइल के साथ खड़ी है।

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