भारत क्या है? राज्यों का संघ या एक राष्ट्र?

आधुनिक युग में सामान्य रूप से राष्ट्र शब्द इंग्लिश शब्द नेशन का हिंदी रूपांतर माना जाता है। राष्ट्र, राज्य, राष्ट्रीयता, संघ सब अलग-अलग शब्द हैं, उनके अलग-अलग अर्थ हैं और उनकी अलग-अलग व्याख्याएं हैं, यह सभी समानार्थी नहीं हैं। सामान्यतया राष्ट्र और राज्य को एक मान लिया जाता है, जबकि दोनों अलग-अलग हैं।

Read More

भाजपाई राज्यों के लोकल रोजगार कानूनों और अखंड भारत के बीच फंसी संवैधानिकता

जब केंद्र की भाजपा सरकार एक राष्ट्र-एक टैक्स, एक राष्ट्र-एक राशन कार्ड जैसी नीतियों को लेकर आगे बढ़ रही हो, जम्मू कश्मीर से राज्य का दर्जा छीन एक विधान के बात की गई हो और वहां की नौकरियों को समस्त भारतीयों के लिए खोला जा रहा हो, तब हरियाणा की भाजपा-जजपा सरकार संविधान से परे जाकर हरियाणा से बाहर की जनता के लिए बेगानी क्यों बन रही है?

Read More

हिन्दी अखबारों में ब्राह्मण-बनिया गठजोड़ का संविधान-विरोधी और किसान-विरोधी चेहरा

आज के संपादकीय, संपादकीय पेज (यह हिन्दी का पहला अखबार है जहां इसके मालिक संजय गुप्ता संपादक की हैसियत से हर रविवार को कॉलम लिखते हैं) और ऑप-एड पेज ‘विमर्श’ पर छपे लेखों को देखें। वहां से जातिवाद की दुर्गंध भभका मारकर बाहर निकल रही है।

Read More

नफ़रत फैलाने वाले विज्ञापन मीडिया में देने के खिलाफ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से अपील

निराशा भरे इस वातावरण में कुछ कॉरपोरेट्स ने अपने उत्तरदायित्वपूर्ण व्यवहार से एक नई आशा का संचार किया है। उन्होंने निर्णय किया है कि जो मीडिया चैनल घृणा और आपसी भेद-भाव फैलाते हैं, उन्हें वह अपने विज्ञापन नहीं देंगे। इस पहल और साहस के लिए वह प्रशंसा के पात्र हैं।

Read More