लखीमपुर खीरी: यूपी सरकार और टिकैत के बीच हुई ‘डील’ को कैसे देखें?

टिकैत का उद्देश्य बीजेपी के खिलाफ चौतरफा युद्ध छेड़ने के बजाय कृषि कानूनों पर ध्यान केंद्रित रखना है, हालांकि इस बीच वह बीजेपी की क्षमता को कम करके आंकने की गलती कर सकते हैं तो दूसरी ओर वह लखीमपुर खीरी में हुई मौतों पर सिख किसानों के दुख को भी कम आंक सकते हैं।

Read More

‘आत्मनिर्भर भारत’ में केंद्र से कर्ज लेकर घी पी रही है हिमाचल प्रदेश की सरकार!

खुद प्रदेश सरकार अपने संसाधनों से इतना भी हासिल नहीं कर पाती कि वह अपने कर्माचारियों का वेतन दे सके। यहां तक कि आदिवासी व अनुसूचित जाति सब-प्लान, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि मदों से भी बजट का पैसा बचाया जा रहा है। विकास कार्यों पर जितना पैसा खर्च किया जाता है लगभग उतना ही पैसा सरकार का ब्याज चुकाने में चला जाता है।

Read More

लखीमपुर खीरी की घटना में निहित चेतावनी को अनदेखा न करें!

आने वाला समय किसान आंदोलन के नेतृत्व के लिए कठिन परीक्षा का है। उकसाने वाली हर कार्रवाई के बाद भी उसे आंदोलन को अहिंसक बनाए रखना होगा। किसान नेताओं को जनता को यह स्पष्ट संदेश देना होगा कि वे हर प्रकार की हिंसा के विरुद्ध हैं।

Read More

राजनीतिक दलों में अपराधियों को शामिल करने की होड़ और चुनावी सफलता का जोड़

वर्ष 1993 में वोहरा समिति की रिपोर्ट और वर्ष 2002 में संविधान के कामकाज की समीक्षा करने के लिये राष्ट्रीय आयोग (NCRWC) की रिपोर्ट ने पुष्टि की है कि भारतीय राजनीति में गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों की संख्या बढ़ रही है।

Read More

गाँधीवाद के सही पाठ का सवाल हमारी अस्तित्व-रक्षा से जुड़ा है!

हम गांधी की सीखों पर अमल न कर पाए और हमने स्वयं को हिंसा-प्रतिहिंसा एवं घृणा की लपटों में झुलसकर नष्ट होने के लिए छोड़ दिया है। गांधीवाद हमारी अस्तित्व रक्षा के लिए आवश्यक है और इससे हमारा विचलन हमें गंभीर सामाजिक विघटन की ओर ले जा सकता है।

Read More

पंजाब-हरियाणा: पवार की राह पर कैप्‍टन, आंदोलन की नाव से पार उतरने की कोशिश में चौटाला!

किसान आंदोलन के दस महीने पूरे होने पर पंजाब और हरियाणा की राजनीति में जो उथल-पुथल देखी जा रही है, वो इस बात का गवाह है कि पंजाब और हरियाणा के शांतिपूर्ण किसानों की जिद के आगे सत्‍ता के गलियारों में भयंकर बेचैनी है। ये बेचैनी क्‍या शक्‍ल अख्तियार करेगी यह तो आने वाले दिन ही बताएंगे लेकिन दोनों राज्‍यों में हो रही सियासी हलचलों को समझना जरूरी है। दो अलग-अलग टिप्‍पणियों में पंजाब और हरियाणा के सियासी माहौल का जायज़ा ले रहे हैं वरिष्‍ठ टिप्‍पणीकार जगदीप सिंह सिंधु।

Read More

कांग्रेस का आंतरिक संकट और नये दरबारियों से घिरे शीर्ष नेतृत्व की भटकन

भाजपा को आगामी लोकसभा चुनावों में पराजित करने की कोई भी रणनीति कांग्रेस की उपेक्षा करके अथवा उसे पूर्ण रूप से खारिज करके तैयार नहीं की जा सकती। यह भी एक ध्रुव सत्य है कि नेहरू-गांधी परिवार और कांग्रेस अविभाज्य रूप से अन्तरसम्बन्धित हैं। एक के बिना दूसरे की कल्पना नहीं की जा सकती। यह रिश्ता इतना अनूठा और अपरिभाषेय है कि कांग्रेस की दुर्दशा के लिए नेहरू-गांधी परिवार को जिम्मेदार मानने वाले भी यह जानते हैं कि अगर कांग्रेस को सत्ता वापस कोई दिला सकता है तो वह नेहरू-गांधी परिवार ही है।

Read More

हवाना सिन्ड्रोम: वायरस के बाद अब खुफिया माइक्रोवेव हथियारों के आतंक का नया अध्याय

पिछले दिनों सीआइए के निदेशक विलियम बर्न्‍स के साथ भारत आए उक्त अधिकारी में पाए गए इन लक्षणों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हड़कम्प मचा हुआ है। सीआइए के अधिकारी इसे ‘‘अमरीका विरोधी साजिश’’ करार दे रहे हैं। एक महीने में यह दूसरी बार ऐसा हुआ है जिसमें अमरीका के दो खुफिया अधिकारी इस ‘हवाना सिन्ड्रोम’ के शिकार हुए हैं। पिछले महीने अमरीकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के वियतनाम दौरे में भी ऐसी ही घटना हुई थी।

Read More

अफीम की खेती, तालिबान का राज और साम्राज्यवादी नीतियां

जानकारों का कहना है कि अगर तालिबान अफीम की खेती पर काबू पाना चाहे, तब भी उसके लिए ये मुश्किल चुनौती होगी। उस हाल में जिन किसानों की आमदनी का यह मुख्य स्रोत है, उनकी बगावत का उसे सामना करना पड़ेगा।

Read More

अफगानी महिलाओं के दुख से बेखबर विश्व समुदाय

यूएनओ और सार्क जैसे संगठन हैं, नारी स्वतंत्रता एवं मानवाधिकारों की लड़ाई लड़ने वाली ढेर सारी संस्थाएं हैं, उत्तरोत्तर उदार और प्रजातांत्रिक होते विश्व के लोकप्रिय और शक्तिशाली सत्ता प्रमुख हैं किंतु जो बात अपरिवर्तित है वह है अफगान महिलाओं की नारकीय स्थिति। क्या यह स्थिति अपरिवर्तनीय भी है?

Read More