सांस्कृतिक विविधता का डर और संघर्ष

सभ्‍यताओं के टकराव या क्लैश ऑफ सिविलाइजेशन को आज के अंधराष्ट्रवाद का सहारा मिल गया है। राष्ट्रवाद के झंडे तले बहुसंख्यकों द्वारा अल्पसंख्यकों के दमन को वैध ठहराया जा रहा है।

Read More

महिला-मुक्ति और सम्मान का सवाल श्रम की मुक्ति के साथ नत्थी है, इसे नहीं भूलना चाहिए

आजादी के बाद समझौतावादी धारा का समर्थक धनी, पूंजीपति वर्ग सत्ता में आने के बाद निहित वर्ग-स्वार्थ के कारण महिलाओं की मुक्ति की दिशा में ठोस कदम उठाने से हमेशा परहेज करता रहा।

Read More

बंद पड़ा है सरकारी वजीफा, उधार लेकर घर चला रही है बनारस की अंतर्राष्ट्रीय रेसर

अपनी प्रतिभा के बल पर गांवों और घर की चहारदीवारी से बाहर निकलने वाली वंचित और गरीब महिलाओं और उनके परिवार की हालत में आज भी कुछ ज्यादा सुधार नहीं हुआ है और ना ही हो रहा है। 36वें नेशनल जूनियर एथलिट्स चैंपियनशिप में 10000 मीटर रेस वॉक के अंडर-20 महिला वर्ग में नेशनल रिकॉर्ड बनाने वाली मुनीता प्रजापति और उनके परिवार की हालत भी कुछ ऐसी ही है।

Read More

सिंघु बॉर्डर पर चली तीन राउंड गोली, कोई नुकसान नहीं, चंडीगढ़ की कार से आए हमलावर फ़रार

इतवार को 102वें दिन जारी आंदोलन में 270 से अधिक शहीदों के लिए और उत्तराखंड के नवकिरण सिंह के नाम पर सिंघु बॉर्डर पर एक विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई। कई किसान नेता उनकी प्रार्थना सभा में शामिल हुए।

Read More

मॉडल कंक्लूसिव लैंड टाइटल एक्ट व रूल्स: संघीय ढांचे के खिलाफ नीति आयोग की नयी पेशकश

जब लगभग 50 दिनों से बंद पड़े देश का ताला बेहद सतर्कता से खोला जा रहा था, राज्यों की सीमाएं अब भी अंतरराष्‍ट्रीय सीमाओं की मानिंद पेश आ रही थीं, सामान्य नागरिक आवाजाही और दैनंदिन कार्य-व्यापार अब भी राष्ट्रीय आपदा नियंत्रण कानून और राष्ट्रीय महामारी कानून के अंतर्गत थे, संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकार इन दो क़ानूनों के अंतर्गत ही प्रयोग में लाये जा सकते थे, ऐन इसी समय 2 जून 2020 को नीति आयोग देश के सभी राज्यों को लैंड टाइटलिंग एक्ट का मसौदा भेजता है और उन्हें कहता है कि या तो इसी मसौदे को या इसकी तर्ज़ पर तैयार किए गए मसौदे को अंगीकार करें और उसका क्रियान्वयन करें। इस पत्र में ‘ना’ कहने की गुंजाइश राज्यों के पास नहीं थी।

Read More

किसान आंदोलन: 100 दिन पूरे होने पर आज काला दिवस, KMP एक्सप्रेस वे जाम

मध्यप्रदेश के छतरपुर में 87 दिनों से किसानों का धरना चल रहा है। पुलिस व प्रशासन ने अब तक न टेंट लगाने की अनुमति दी व न हीं कोई अन्य सहायता प्रदान की। यहां 3 व 4 मार्च को महापंचायत आयोजित की गई जिसके बाद टेंट लगाने की अनुमति दे दी गयी है। आने वाले समय में मध्यप्रदेश में और महापंचायत करने की योजना है।

Read More

चमोली हादसे पर अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक समूह के कुछ शुरुआती निष्कर्ष

एक उल्लेखनीय साझे प्रयास में पर्वतों पर ग्लेशियर और पेराफ्रॉस्ट से जुड़े खतरों को समझने वाले एक अंतर्राष्ट्रीय और भारतीय वैज्ञानिकों के समूह ने उत्तराखंड में बीती 7 फरवरी को आयी आपदा के कारणों का आकलन किया है। उनके इस आकलन में तमाम महत्वपूर्ण बातें सामने आयीं हैं जो कि हमारी पर्वतीय आपदाओं के बारे में समझ को बढ़ाती हैं।

Read More

डिजिटल मीडिया के गले में कानूनी फंदा डालकर ये सरकार डराना चाह रही है या खुद डरी हुई है?

जब सरकार यह कहती है कि इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के व्यापार का एक बड़ा भाग भारत से होता है और इन्हें भारत के कानून के मुताबिक चलना होगा तो क्या इसमें यह संकेत भी छिपा होता है कि इन प्लेटफॉर्म्स को सरकार के हितों का ध्यान रखना होगा और सत्ता विरोधी कंटेंट से दूरी बनानी होगी?

Read More

IT Rules 2021: मणिपुर के पत्रकार को भेजा नोटिस वापस, भ्रम दूर करने के लिए केंद्र का राज्यों को पत्र

मणिपुर प्रशासन ने पत्रकार को भेजा गया नोटिस अगले ही दिन मंगलवार को वापस ले लिया। जाहिर है, यह नए आइटी नियमों के सम्‍मत ही था, जिसका स्‍पष्‍टीकरण राज्‍यों को भेजे पत्र में बुधवार को सूचना प्रसारण मंत्रालय को करना पड़ा है।

Read More

मेरा मुखिया कैसा हो? पंचायत चुनावों के मुहाने पर खड़ी हिन्दी पट्टी से जमीनी आवाज़ें

पंचायत चुनावों को निचले दर्जे का समझना भूल हो सकती है। आखिर ये ग्रामीण समझ और ग्रामीण विकास का मामला है। इस बार लगता है कि बात कुछ और होगी क्योंकि ग्रामीण जनता पिछले चुनावों से काफी सबक ले चुकी है। इस बार वे ये नहीं चाहते कि कोई भी आए और मुखिया का पद संभाल ले। इस बार जनता चाहती है कि उनका मुखिया ऐसा हो जो साक्षर हो, जनता को समान दृष्टि से देखता हो, भेदभाव कम करता हो, स्थानीय स्तर पर रोज़गार और दूसरी योजनाओं के क्रियान्वयन में जनता की भागीदारी और सबसे अहम् ग्रामसभा और समितियों के संचालन और ग्रामीणों को आ रही समस्याओं के समाधान की पहल करने योग्य हो। लोग ऐसे ही प्रत्‍याशियों को अपना समर्थन देंगे।

Read More