उत्तराखंड के 85 फ़ीसद जिलों की आबादी प्राकृतिक आपदा से खतरे के मुहाने पर: CEEW

सीईईवी विश्लेषण ने यह भी बताया कि उत्तराखंड में 1970 के बाद से सूखा दो गुना बढ़ गया था और राज्य के 69 प्रतिशत से अधिक जिले इसकी चपेट में थे। साथ ही, पिछले एक दशक में, अल्मोड़ा, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिलों में बाढ़ और सूखा एक साथ आया।

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गरीबों को गरीबी की जवाबदेही से मुक्त कर के विमर्शकार क्या अपना अपराधबोध कम करते हैं?

अगर हम बनर्जी महोदय की बातें मान लेते हैं, तो हमें मानना होगा कि गरीबों का स्वभाव ही गरीबी के लिए जिम्मेदार है। तो क्या गरीबी एक चारित्रिक दुर्गुण है? यह एक नया विचार है जिस पर सब लोग सहमत नहीं हो सकते!

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यह आम बजट नहीं, औद्योगिक घराना स्पेशल बजट है! मोबाइलवाणी पर ग्राउन्ड से जनता की राय

जब वित्त मंत्री ने बजट का पिटारा खोला तो गरीब और मध्यम वर्ग के चेहरे पर मायूसी छा गई. सरकार ने ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के बजट से 45 फीसदी से ज्यादा कटौती कर ली है.

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पेरिस समझौते के लक्ष्य पूरे होने से बच सकती हैं लाखों जानें: लैंसेट

अध्ययन में नौ देशों पर शोध किया गया है और ये वो देश हैं जो दुनिया की आधी जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं और 70 फ़ीसद कार्बन उत्सर्जन के लिए ज़िम्मेदार हैं।

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संयुक्त किसान मोर्चा ने जारी की इस महीने होने वाली किसान महापंचायतों की लिस्ट

सिंघु बॉर्डर पर किसान नेताओं ने मंच से संबोधन करते हुए संयुक्त किसान मोर्चे के आगामी कार्यक्रमों को लागू करवाने संबंधी विचार रखे। टीकरी मोर्चे पर हरियाणा सरकार द्वारा सीसीटीवी लगाने के प्रस्ताव का किसानों ने विरोध किया।

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ग्यारह साल बाद शाहिद आज़मी की याद

सुदूर आज़मगढ़ से मुंबई पहुंचे इस युवा वकील एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता को शायद अन्दाज़ा था कि यह घड़ी कभी भी आ सकती है। इसीलिए उन्होंने पुलिस को कई बार इत्तेला दी थी कि उन्हें धमकियां मिल रही हैं। कहा जाता है कि ऐसे कुछ लोग पुलिस महकमे में भी थे, जिन्हें उनका जिन्दा रहना नागवार गुजर रहा था।

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तीनों काले कृषि कानून श्रमजीवी किसानों की MSP और मंडी को खत्म करने वाले हैं: प्रियंका गांधी

इस देश को किसान ने बनाया है। 78 दिनों से किसान दिल्ली बार्डर पर बैठा है। मेादी जी अमरीका हो आये, पाकिस्तान हो आये, चीन हो आये, लेकिन जिस शहर में रहते हैं उसके बार्डर तक नहीं पहुं पाये। 78 दिनों से किसान उनका इंतजार कर रहे हैं कि जिनको हमने वोट दिया, जिनको हमने सत्ता दी, जिनको हमने प्रधानमंत्री बनाया, वह हमारी बात सुनेंगे, वह हमारे पास आयेंगे। लेकिन वह नहीं आये, उल्टा संसद में खड़े होकर उन्होने मजाक उड़ाया। उनके मंत्रियों ने अपशब्द बोले। जो 215 किसान शहीद हुए हैं उनका आदर नहीं किया। उनका अपमान किया।

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मुनव्वर फारुकी को तो रिहाई मिल गई, लेकिन ‘अन्य’ अब तक इंतज़ार में…

बीते साल की आखिरी रात को इंदौर में मुनरो कैफे से मुनव्वर फारुकी के साथ जिन लोगों को पकड़ा गया था उनमें प्रखर व्यास, नलिन यादव, प्रखर श्रीवास्तव, सदाकत खान और एडविन एंथोनी शामिल थे। ये सभी अब तक जेल में हैं।  इनमें से प्रखर यादव की ज़मानत अर्ज़ी पर सुनवाई 12 फरवरी को होगी।

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कच्छ में हुई सांप्रदायिक हिंसा स्थानीय चुनावों में ध्रुवीकरण की साज़िश: MCC की रिपोर्ट

बीते 17 जनवरी को गुजरात के कच्छ जिले में गांधीधाम तालुका के किड़ाना और मुन्द्रा तालुका के साडाव गांव में राम मंदिर निर्माण के नाम पर चंदा उगाही के लिए निकाली गयी यात्रा के दौरान हुई हिंसा की माइनोरिटी कोआर्डिनेशन कमिटी (MCC), गुजरात द्वारा एक जांच रिपोर्ट जारी की गयी है.

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गाड़ी का धुआं दुनिया में हर पांचवीं मौत का ज़िम्मेदार: हार्वर्ड विश्वविद्यालय

शोध से मिले आंकड़े पूर्व में किये गये शोध में अनुमानित संख्‍या से कहीं ज्‍यादा है। इसका मतलब यह है कि कोयला और डीजल जैसे जीवाश्‍म ईंधन को जलाने से होने वाला वायु प्रदूषण दुनिया में होने वाली हर पांच मौतों में से एक के लिये जिम्‍मेदार है।

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