घेरेबन्दी में पड़े देश और खेल के नये नियमों के बीच हम क्‍या कर सकते हैं?

भारत में हम, स्‍मृति और स्‍मृतिलोप के बीच लम्बे समय से लटके हुए हैं। फिलवक्त कोई बमबारी नहीं चल रही है, न हम अपने सामने मासूमों का बहता खून देख रहे हैं जो ‘इतिहास की गलतियों’ को ठीक करने के नाम पर बहाया जा रहा है, न ही सड़कों पर हथियारबन्द दस्ते मौजूद हैं जो ‘अधर्मियों’ और ‘अन्यों’ को ढूंढ रहे हैं।

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किसी को ‘मुर्दाबाद’ कहना क्‍या जान की धमकी माना जाएगा अब? समझें आंखी दास की पूरी शिकायत

फेसबुक कंपनी में पब्लिक पॉलिसी की निदेशक (भारत, दक्षिण एशिया और मध्‍य एशिया) आंखी दास ने 16 अगस्‍त की रात जिन लोगों के खिलाफ दिल्‍ली पुलिस की साइबर सेल में ‘अपनी जान को खतरे का अंदेशा’ बताकर शिकायत की है, वह प्रथम दृष्‍टया कमज़ोर जान पड़ती है।

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28 फीसदी कवरेज वाले ‘आत्मनिर्भर भारत’ में राशन कार्ड होना भुखमरी से बचने की गारंटी नहीं है!

मोबाइलवाणी ने जमीनी हकीकत जानने की कोशिश की और इस कोशिश को नाम दिया रोजी रोटी अधिकार अभियान। अभियान के तहत बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के गांवों और शहरों में गरीब तबके के परिवारों से उनका हाल जाना।

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उत्तर प्रदेश सरकार असुरक्षित क्यों महसूस कर रही है?

उत्तर प्रदेश सरकार को आखिर इतना नीचे क्यों गिरना पड़ा कि उसे आम आदमी पार्टी के लखनऊ कार्यालय में अपनी पुलिस से ताला लगवा दिया? उ.प्र. भाजपा सरकार की असुरक्षा का क्या कारण है?

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नाकाम मनरेगा और भूखे मजदूरों से बनेगा आत्मनिर्भर भारत? लॉकडाउन में चार राज्यों का एक सर्वे

अगर सरकार नामी उद्योगों को पैसा बांटने की बजाय मनरेगा में लगाये तो बिहार, झारखण्ड, छतीसगढ़, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश जहां के गरीब लोग लौटकर आये हैं, उन्हें इस विकट स्थिति में अपने को गांवों में स्थापित करने में कुछ मदद इससे मिल सकेगी.

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ग्रासरूट सॉकर: खेल से सामाजिक और लैंगिक परिवर्तन तक

मूल ग्रासरूट सॉकर मॉडल को अन्य देशों के युवा संगठन द्वारा भी दोहराया जा सकता है। वे किसी भी देश विशेष के राष्ट्रीय या लोकप्रिय खेल के माध्यम से युवाओं के स्वास्थ्य सम्बन्धी अधिकारों और स्त्री-पुरुष समानता को बढ़ावा दे सकते हैं.

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5 अगस्त बनाम 15 अगस्त: सांप्रदायिकता बनाम धर्मनिरपेक्षता का सवाल

स्वाधीनता आन्दोलन में निहित धर्मनिरपेक्षता ने आधुनिक भारत के निर्माण में भूमिका निभायी. राममंदिर आन्दोलन में निहित साम्प्रदायिकता हमें भारतीय संविधान के मूल्यों से दूर, पुनरुत्थानवाद और अंधश्रद्धा की अंधेरी गलियों में धकेल रही है.

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16 से 21 अगस्त तक लगेगी ऑनलाइन जनता संसद, मतदान की भी होगी सुविधा

जागृत नागरिकों ने निर्णय लिया है कि वे साथ मिल कर एक जनता संसद आयोजित करें, ताकि कोविड से जुड़ी महत्वपूर्ण नीतियों के उपायों पर चर्चा की जा सके।

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उत्तराखंड का स्पार्टकस : त्रेपन सिंह चौहान

जन आन्दोलनों में रहकर जो साहित्य उन्होने रचा है वो कल्पना की डोर के बजाय धरातलीय विषयों से जीवंत होकर, सामाजिक-राजनैतिक अन्याय के खिलाफ बोधगम्य और किस्सागोई रचना शैली में मुखरित हुआ है।

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तबाही के मुहाने पर खड़े बुनकरों के लिए मुफ्ती-ए-बनारस ने लगायी अपने सांसद मोदी से गुहार

मुफ्ती-ए-बनारस ने अपने सांसद और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बिजली दर की पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग करते हुए एक अपील जारी की है।

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