सौ दिन छूते किसान आंदोलन के बीच तीन कृषि कानूनों को फिर से समझने की एक कोशिश

यह एक संवैधानिक प्रश्न भी है। कारण है कि कृषि राज्य और केंद्र दोनों का विषय है और यह समवर्ती सूची में आता है। एपीएमसी कानून को पारित करना राज्यों का अधिकार है। इसलिए यह कानून तो असंवैधानिक भी हो सकता है।

Read More

किसान आंदोलन: सौवें दिन KMP एक्सप्रेसवे की नाकाबंदी, 15 मार्च को निजीकरण विरोधी दिवस

SKM पूरे भारत में एक “MSP दिलाओ अभियान” शुरू करेगा। अभियान के तहत विभिन्न बाजारों में किसानों की फसलों की कीमत की वास्तविकता को दिखाया जाएगा, जो मोदी सरकार व एमएसपी के झूठे दावों और वादों को उजागर करेगा। यह अभियान दक्षिण भारतीय राज्यों कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में शुरू किया जाएगा। पूरे देश में किसान भी इस अभियान में शामिल किए जाएंगे।

Read More

किसान आंदोलन और हिसार के पेटवाड़ की हिम्मती महिलाएं

हरियाणा के पेटवाड़ गांव की सोनिया पेटवाड़, शांति देवी और अन्य महिलाएं अपने तरीक़े से किसान आंदोलन का समर्थन कर रही हैं — टिकरी में राशन भेजने के साथ-साथ वे विरोध प्रदर्शनों में भाग भी लेती हैं

Read More

छतरपुरः हिंदूवादी संगठन ने इप्टा के नाट्य मंचन पर रोक के लिए लिखा धमकीभरा पत्र

विहिप का आरोप है कि इप्टा द्वारा मंचित किए जाने वाले ये नाटक पूर्णतया हिन्दू संस्कृति व धर्म विरोधी हैं। संगठन ने इस कारण ही प्रशासन से इनके मंचन पर जल्द से जल्द रोक लगाने की मांग की है।

Read More

टूटी हुई नैया से अबकी किसको चुनावी नदी पार करवाएंगे यूपी के निषाद?

उत्तर प्रदेश में उनकी जनंसख्या लगभग आठ प्रतिशत बतायी जाती है, हालाँकि जब तक जातीय जनगणना न हो इसे अनुमान ही कहा जा सकता है। फिर भी चुनाव जीतने और हारने के लिए यह संख्या काफी है। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की नज़र भी इस वोट बैंक पर है। बँसवार की घटना में कांग्रेस की दिलचस्पी को इस आधार पर देखा जा सकता है।

Read More

डेढ़ सौ साल से चल रहे किसान आंदोलनों की समृद्ध परंपरा में याद रखने योग्य कुछ अहम पड़ाव

भारत के स्वाधीनता आंदोलन में जिन लोगों ने शीर्ष स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई उनमें आदिवासियों, जनजातियों और किसानों का अहम योगदान रहा है। कृषक आंदोलनों का इतिहास बहुत पुराना है और विश्व के सभी भागों में अलग-अलग समय पर किसानों ने कृषि नीति में परिवर्तन करने के लिये आंदोलन किये हैं ताकि उनकी दशा सुधर सके।

Read More

चौरी चौरा के सरकारी पुनर्पाठ के ज़रिये गांधी और उनकी अहिंसा को खारिज करने की कवायदें

प्रधानमंत्री जी का यह भाषण और इस भाषण के बाद बुद्धिजीवी वर्ग में व्याप्त चुप्पी दोनों ही चिंताजनक हैं। हिंसा का आश्रय तो हम पहले से ही लेने लगे थे किंतु क्या अब यह स्थिति भी आ गई है कि हम सार्वजनिक रूप से अहिंसा को खारिज कर गौरवान्वित अनुभव करने लगेंगे? क्या प्रधानमंत्री आंदोलनरत किसानों को यह संदेश देना चाहते हैं कि वे चौरी चौरा की घटना को अपना रोल मॉडल मानें?

Read More

अगले 13 दिन में हो नेपाल की संसद बहाल! सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले से ओली सरकार को झटका

मुख्‍य न्‍यायाधीश न्‍यायमूर्ति चोलेंद्र शमशेर ने फैसला सुनाते हुए कहा कि यह मुद्दा अपनी प्र‍कृति में राजनीतिक है लेकिन संविधान को कायम रखने के मद्देनजर अदालत को इस पर संज्ञान लेना पड़ा।

Read More

सड़क सुरक्षा और रफ्तार: स्टॉकहोम घोषणापत्र का एक वर्ष और रॉड किंग के विचार

पिछले साल 19-20 फरवरी 2020 को स्टॉकहोम में दुनिया के सभी देशों के मंत्री के लिए उच्च-स्तरीय बैठक हुई और सड़क सुरक्षा के लिए सबने संयुक्त रूप से एक स्टॉकहोम डिक्लेरेशन (स्टॉकहोम घोषणापत्र) जारी किया. इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे थे हमारे देश के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी.

Read More

किसान आंदोलन: दिल्ली मोर्चे के तीन महीने पूरे होने पर 26 फरवरी को मनेगा ‘युवा किसान दिवस’

24 फरवरी को ‘दमन विरोधी दिवस’ की घोषणा की जाती है जिसमें किसान आंदोलन पर हो रहे चौतरफ़ा दमन का विरोध किया जाएगा। इस दिन सभी तहसील व जिला मुख्यालयों पर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिए जाएंगे।

Read More