मनरेगा से कमजोर लोगों को मिले राजनीतिक अनुभव की सीख आसानी से मिटने वाली नहीं है
आज जब इस क़ानून को कमज़ोर किया जा रहा है या ख़त्म किया जा रहा है, तो सिर्फ़ रोज़गार नहीं छीना जा रहा। वह पूरा राजनीतिक अनुभव, वह आत्मविश्वास, वह सामूहिक ताक़त भी छीनी जा रही है। लेकिन यह भी सच है कि इस प्रक्रिया में लोगों ने यह सीख लिया है कि संगठित होकर बोलना ही रास्ता है। यह सीख आसानी से मिटने वाली नहीं है।
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