लाशों की पिच पर दम तोड़ती मानवता का 20-20 खेल

जब लोग एक-एक सांस के लिए जूझ रहे हैं और अपने परिजनों को बचाने के लिए शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक ऑक्सीजन सिलेंडर और वैंटीलेटर की व्यवस्था की ख़ातिर दौड़ रहे होते हों तो उस दौरान क्या उन्हें किसी मनोरंजन की याद भी आ सकती है?

Read More

यह विस्तीर्ण श्मशान है मेरा देश! क्यों?

क्या इतनी मौतें सच में बही-खाते में लिखी थीं? क्या ये मौतें पहले से तय थीं (थोड़ा भाग्यवादी होने की छूट लेते हुए)? एकदम से नहीं. जान बूझ कर मौत-मौत का तांडव और भयानक खेल चल रहा है. कौन रच रहा है ये मौत का खेल?

Read More

विफल नेतृत्व की गलतियों का असर कम करने के लिए कब तक त्याग करती रहेगी जनता?

प्रधानमंत्री जी ने इस भीषण संकट काल में भी अपने मन की बात ही की। हो सकता है कि उनके काल्पनिक भारत की आभासी जनता को उनका यह एकालाप रुचिकर लगा होगा, लेकिन मरते हुए रोगियों और उनके हताश परिजनों के लिए तो यह एक क्रूर परिहास जैसा ही था।

Read More

महामारी की दूसरी लहर में भी उपेक्षित छात्र समुदाय पर बात कब होगी?

माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को भी ‘परीक्षा पर चर्चा’ जैसे खोखले प्रवचन से आगे बढ़कर छात्र समुदाय के हित में कुछ ज़रूरी कदम उठाने चाहिए जो असल में उनके काम आएं। सरकार को आगे आकर ‘देश के भविष्य’ को बचाने की सख़्त ज़रूरत है।

Read More

यह महान दृश्य है, चल रहा मनुष्य है… अश्रु स्वेद रक्त से, लथपथ लथपथ…

क्या हमें भी उन टीवी चैनलों सा संवेदनहीन हो जाना चाहिए जो जलती चिताओं के दृश्य दिखाते-दिखाते अचानक रोमांच से चीख उठते हैं- ‘’प्रधानमंत्री की चुनावी सभा शुरू हो चुकी है, आइए सीधे बंगाल चलते हैं।‘’

Read More

महामारी में चुनाव आयोग की सवालिया भूमिका और टी. एन. सेशन की याद

मान लेते हैं कि स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार एक लंबी प्रक्रिया हो सकती है, लेकिन चुनाव प्रक्रिया में सुधार के लिए तो महज चुनाव आयोग ही काफी है. और जब देश में सभी परीक्षाएं स्थगित हैं, योजनाएं स्थगित हैं, तो फिर चुनाव स्थगित करने में किसी का क्या बिगड़ रहा है?

Read More

“इन 18 महीनों में हमने वो भी खो दिया जो हमारा था”: कश्मीर में विकास के दावों का ज़मीनी सच

जिन समुदायों के साथ यह बातचीत हुई, वे पुराने निज़ाम को फिर से याद करने लगे हैं जबकि कश्मीर के स्थापित परिवारों और खानदानों को लेकर उनके मन में कोई सहानुभूति नहीं है बल्कि वे तो यह मानते हैं कि ‘उनके साथ ठीक ही हुआ’।

Read More

प्रदूषण-मुक्त स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए वैश्विक रोड मैप जारी

हेल्थ केयर विदआउट हार्म पूरी दुनिया में मरीजों की सुरक्षा या देखभाल से समझौता किये बगैर स्वास्थ्य क्षेत्र के रूपांतरण को संभव बनाने की दिशा में काम कर रहा है, ताकि वह पारिस्थितिकीय रूप से सतत बनने के साथ-साथ पर्यावरणीय स्वास्थ्य एवं न्याय का अग्रणी पैरोकार बन सके।

Read More

कोरोना मृत्यु के आंकड़े छुपा रही योगी सरकार: दारापुरी

सरकार महज उत्सव मनाने और अखबारी विज्ञापनों में ही दमदार होने का दावा पेश कर रही है। हालत इतनी बुरी है कि मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए घंटों एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं हो रही है और कईयों ने तो एम्बुलेंस में ही दम तोड़ दिया।

Read More

तम्बाकू महामारी के अंत के लिए क्यों है ज़रूरी अवैध तम्बाकू व्यापार पर रोक?

चूँकि अवैध व्यापार एक वैश्विक समस्या है इसीलिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इससे निबटना ज़रूरी है. 180 देशों से अधिक ने वैश्विक तम्बाकू नियंत्रण संधि को पारित किया है जो कानूनी रूप से बाध्य संधि है (इसका औपचारिक नाम है विश्व स्वास्थ्य संगठन फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन टुबैको कण्ट्रोल). इस संधि के आर्टिकल 15, सरकारों को ताकत देता है कि आपस में मिलकर अवैध व्यापार पर अंकुश लगाया जा सके.

Read More