आंदोलनकारियों का चुनावी राजनीति में जाना: अन्ना आंदोलन से किसान आंदोलन तक के अनुभव

एक आंदोलनकारी के रूप में हमने महसूस किया है कि आंदोलनकारी कुछ बुनियादी लक्ष्य को लेकर आंदोलन करते हैं जिनके मन में ढेर सारे सपने रहते हैं। ऐसे में जब यह चुनाव में उतरने का फैसला करते हैं तो उसी सपने या आदर्श को लेकर सामने आते हैं लेकिन उनके सामने वहां पर एक अलग तरह की परिस्थिति नजर आती है जो उनके आदर्श से बिल्कुल विपरीत रहती है।

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सांप्रदायिकता की पिच पर ‘सेकुलरिज़्म’ के चतुर घोड़े की सवारी

? एक पवित्र किताब के इर्दगिर्द धर्म को परिभाषित करने की अब्राहमिक पंरपरा आखिर सिखों तक कैसे पहुंची? एक भगवान और उसके एक जन्‍मस्‍थल के इर्दगिर्द धर्म को परिभाषित करने की कवायदें अब हिंदुओं के बीच भी प्रचलित हो रही हैं, जबकि सनातन धर्म का ऐसा चरित्र कभी नहीं रहा। क्‍या इसे सांप्रदायिकता कहा जा सकता है? या यह विकृत धर्मनिरपेक्षता के कुफल हैं?

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अल्पसंख्यक अधिकार दिवस: आंकड़ों और रिपोर्टों के आईने में मुसलमानों की तस्वीर

शिक्षा-स्वास्थ्य-रोजगार ऐसे कितने ही मानक हैं जिन पर अभी मुस्लिम समुदाय बहुत पीछे है, इनके विषय में सामाजिक जागृति की जरूरत है। मुस्लिम समुदाय में भी सामाजिक पिछड़ापन है, धार्मिक कट्टरता है, अशिक्षा-अंधविश्वास और लैंगिक असमानता का बोलबाला है। इन कमजोरियों को दूर करने का काम भी मुस्लिम समाज के पढ़े लिखे और प्रगतिशील लोगों को करना होगा।

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तेलंगाना सरकार की ‘कल्याण-लक्ष्मी/शादी-मुबारक’ योजना की सफलता और कुछ सवाल

भारतीय समाज में लड़की की शादी माता-पिता के लिए एक चुनौती होती है क्योंकि हमारे समाज में आज भी लड़की को एक बोझ के रूप में ही समझा जाता है। …

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बिजॉय दिबोश: अदावतें थीं तग़ाफ़ुल था रंजिशें थीं बहुत, बिछड़ने वाले में सब कुछ था बेवफ़ाई न थी…

इस ग़ज़ल को सबसे पहले संभवतः आबिदा परवीन ने ही गया था जो कि नसीर के मोहल्ले में रहती थीं और उनके नसीर से अच्छे ताल्लुकात थे। लेकिन यह ग़ज़ल लोगों, खास कर पाकिस्तानी अवाम की ज़बान पर तब चढ़ी जब यह मशहूर पाकिस्तानी टीवी ड्रामा हमसफ़र का टाइटल साउंड ट्रैक बना।

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टंकी पर चढ़ी लखनऊ की शिखा पाल बनाम पहाड़ पर चढ़ी बेरोजगारी

भारत की बेरोजगारी अथवा अर्द्धबेरोजगारी की समस्या का हल यह है कि रोजगार के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाया जाए। अमीर-गरीब के अंतर को कम करना पड़ेगा। ऐसा नहीं होना चाहिए कि हमारा एक पूंजीपति मुकेश अंबानी तो दुनिया के दस सबसे अमीर लोगों में शामिल हो जाए और आधी आबादी इतनी गरीबी में जीने को मजबूर हो कि अपने बच्चों का कुपोषण भी दूर न कर सके।

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गुणवत्तापरक शिक्षा तथा मानवाधिकार का सवाल और हमारी जिम्मेदारी

जिन मानवाधिकारों की कल्पना विश्व समुदाय द्वारा की गयी है उसका मूल आधार ही गुणवत्तापरक शिक्षा है और इसके अभाव में एक सशक्त स्वतंत्र जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। शिक्षा के अभाव में व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता में गिरावट आती है जिसका प्रभाव कालान्तर में राष्ट्रीय स्तर पर परिलक्षित होता है। गुणवत्तापरक शिक्षा के अभाव का सबसे ज़्यादा असर गरीबी में जीवनयापन करने वाले लोगों पर ही पड़ रहा है जो सीधे सीधे उनके मानवाधिकारों का उल्लंघन है।

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आइडेंटिटी और विकृत माडर्निटी से उपजे संकट के तीन ताज़ा उदाहरण

एक समाज के तौर पर या उसके प्रातिनिधिक सैंपल के तौर पर लालू के परिवार से ताकतवर, धनी और सामाजिक तौर पर सशक्त परिवार से बड़ा उदाहरण क्या होगा, प्रियंका वाड्रा से सशक्त व्यक्ति कौन होगा, लेकिन ये दोनों भी जब बढ़कर चुनाव करते हैं तो हिंदुत्व को गाली देने के तमाम आयामों के बावजूद मिसेज वाड्रा फिर से उसी हिंदुत्व की शरण जाती हैं, यहां तक कि ये भी कहती हैं कि वह 17 वर्ष की अवस्था से व्रत रख रही हैं और उन्हें किसी योगी आदित्यनाथ के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं। तेजस्वी यादव जब प्रेम-विवाह करते हैं तो एक उदाहरण तो पेश करते हैं युवाओं के सामने, अंतर्धार्मिक विवाह कर,लेकिन फिर ढाक के तीन पात। वह रेचल को न केवल हिंदू बनाते हैं, बल्कि यादव ही बनाते हैं।

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गोवा: चौपट धंधा, सूने पड़े बीच और ओमिक्रॉन के साये में चुनावी पर्यटकों के सियासी करतब

खूबसूरत समुद्री किनारोंवाला गोवा सभी को लुभाता है लेकिन कोरोना की कसक के बीच खराब आर्थिक हालात से लोग हैरान हैं। धंधा चौपट है, फिर भी चुनाव तो होना ही है, सो दुष्कर हालात में भी गोवा अपनी राजनीति के नये प्रतिमान गढ़ने की तरफ बढ़ रहा है।

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मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार के अचानक उमड़े आदिवासी प्रेम के पीछे क्या मामला है?

मनावर से कांग्रेस विधायक और जसय के संस्थापक हीरालाल अलावा के अनुसार राज्य सरकार ने औपचारिकता के नाते जनप्रतिनिधियों से पेसा नियम पर सुझाव और आपत्तियां बुलायी तो थीं मगर उन्हें शामिल नहीं किया गया। भाजपा के आदिवासियों पर अचानक उमड़े प्रेम को वे राजनीति से प्रेरित बतलाते हैं।

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