मंदुरी हवाई अड्डा के खिलाफ आन्दोलनरत महिलाओं का उत्पीड़न: फैक्ट फाइन्डिंग टीम की रिपोर्ट

मंदुरी के निकट ग्राम जमुआ हरिराम (तहसील सगड़ी जनपद) में सरकार द्वारा जमीन कब्जाने और महिलाओं के साथ लाठीचार्ज के सवाल पर पिछले 26वें दिन से (यह रिपोर्ट लिखे जाने तक) धरना चल रहा है और इसमें सबसे अधिक महिलाएं शामिल हैं और आंदोलन का नेतृत्व भी कर रही हैं।

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बेरोजगारी, महंगाई समेत ज्वलंत मुद्दों पर किसान-मजदूर-नौजवान अधिकार यात्रा शुरू

पूर्वांचल किसान यूनियन के बैनर तले बेरोजगारी, महंगाई समेत किसानों, मजदूरों के ज्वलंत मुद्दों को लेकर किसान मजदूर नौजवान अधिकार यात्रा का आगाज आजमगढ़ स्थित गांधी प्रतिमा से हुआ। तमाम युवा व अन्य संगठनों ने यात्रा का समर्थन किया है।

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“प्रगतिशील लेखन एक आंदोलन है” : प्रलेस, इंदौर का जिला सम्मेलन

सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे इंदौर इकाई के अध्यक्ष चुन्नीलाल वाधवानी ने अपने संबोधन में कहा कि तलवार के जोर पर कब्जा तो किया जा सकता है लेकिन क्रांतिकारी बदलाव नहीं। यह कार्य साहित्यकार कर सकता है। गांधी, भगत सिंह, अंबेडकर के बगैर भारत की कल्पना नहीं की जा सकती।

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भूमि अधिकार आंदोलन के राष्ट्रीय सम्मेलन में संविधान को बचाने का आह्वान

भूमि अधिकार आन्दोलन 2015 में अपने गठन के साथ ही स्थानीय समुदायों– आदिवासी, दलित, मछुआरों और शहरी ग़रीबों के पास मौजूद संसाधनों की राज्य प्रायोजित लूट की मुखालफत करता रहा है और इस लूट के खिलाफ़ संगठित प्रतिरोधों के साथ खड़ा हुआ है।

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समाज के सवालों का हल आंदोलन तय करेंगे: मुहम्मद शुऐब

सामाजिक कार्यकर्ता रवि शेखर ने कहा कि आज पूरी दुनिया पर्यावरण संकट से जूझ रही है जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। किसानी के संकट ने देश की किसानों-नौजवानों के सामने जीवन का संकट खड़ा कर दिया है।

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बेंगलुरू की बाढ़: प्रकृति की छाती पर शहरीकरण के नाच का नतीजा

गर्म वातावरण में शहरी बाढ़ हमारे शहरों और कस्बों के लिए एक बड़ा खतरा है। जलवायु परिवर्तनशीलता के साथ क्षेत्रीय पारिस्थितिक चुनौतियों ने बाढ़ के जोखिम को बढ़ा दिया है। शहरी बाढ़, जो मुख्य रूप से अब तक नगरपालिका और पर्यावरण शासन की चिंता थी, अब ‘आपदा’ की शक्ल ले चुकी है ।

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मैं… बेसिक शिक्षा हूँ…!

प्रत्येक विद्यालय में पूर्णकालिक प्रधानाध्यापक है और न ही प्रत्येक कक्षा के लिए शिक्षक ही है। बेशर्मी देखिए, बात जब छात्र-शिक्षक अनुपात की होती है तो अनुपात के सही होने का ढिंढोरा पीटा जाता है, वो भी सदन में। विद्यालयों में नियुक्त शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को जब वेतन और सुविधा देने की बात आती है तो ये संविदाकर्मी और अनट्रेंड कर्मी की श्रेणी में आते हैं लेकिन बात जब अपनी जवाबदेही की आती है तो सदन में वही शिक्षामित्र और अनुदेशक छात्र-शिक्षक अनुपात सही करने के हथियार भी बना लिए जाते हैं। कोई भी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया न तो ससमय प्रारंभ होती है न ही संपन्न। दो से चार वर्ष के समयान्तराल पर भी नहीं।

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फ़्रंट पैक पर चेतावनी लेबल के लिए तैयार है भारतीय खाद्य उद्योग

भारतीय खाद्य उद्योग, जो इस पूरी प्रक्रिया में मुख्य साझेदार हैं, एक ऐसे लेबल को अपनाने के लिए तैयार है जो देश के लिए सबसे अच्छा है और उपभोक्ता अनुकूल लेबल है। इससे भारतीय परिवारों को स्वस्थ विकल्प चुनने में मदद मिलेगी और साथ ही हमारे उद्योग भी ज़्यादा नौकरी सृजित कर सकेंगे।

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शामली चीनी मिल को कब्जे में ले सरकार वरना किसान उसे शहीदों को करेंगे समर्पित: PM को पत्र

इस क्षेत्र के पीड़ित किसान एवं अन्य तमाम जनता का माननीय प्रधानमंत्री जी से सादर अनुरोध है कि सरकार तुरंत इस चीनी मिल को अपने कब्जे में लेकर खुद संचालन करे और आजादी के दौरान इनके द्वारा जबरन फांसी पर चढ़ाए गए शहीद भगत सिंह, सुखदेव सिंह और राजगुरु के नाम से मिल प्रांगण में स्मारक स्थल बनाये।

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इंदौर: हिरोशिमा-नागासाकी पर बमबारी की वर्षगांठ पर लाइब्रेरी का उद्घाटन, ‘ब्लैक रेन’ की स्क्रीनिंग

सिर्फ एक वैज्ञानिक चेतना और श्रम से पूर्ण ज़िंदगी ही दुनिया को बेहतर बना सकती है और साथ ही अच्छी जिंदगी का रास्ता अच्छी किताबें, अच्छा सिनेमा और अच्छी कला से हो कर ही गुज़रता है। जन शिक्षा से ही आने वाले वक्त में इस तरह का नरसंहार या अपराध रोकना सम्भव होगा।

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