संयुक्त किसान मोर्चा का हरियाणा के किसानों का अभिवादन, मेजर खान के निधन पर शोक


संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा के समस्त किसानों का किसान आंदोलन में बढ़-चढ़ कर भाग लेने व हर आह्वान को सफल बनाने के लिए अभिवादन करता है। जब से किसान आंदोलन शुरू हुआ है संयुक्त किसान मोर्चा ने आह्वान किया है कि भाजपा व उसके सहयोगियों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। हरियाणा के किसानों ने होश व जोश दोनों से काम लेते हुए हर ऐसे कार्यक्रम का विरोध किया है। किसानों के इसी हौसले का नतीजा है कि एक छोटे से कार्यक्रम के लिए भी हरियाणा सरकार उस क्षेत्र को एक छावनी के रूप में बदल देती है। किसान इसी तरह शांतिपूर्ण अपना विरोध प्रकट करते रहे तो किसानों की जीत तय है। किसी भी असामाजिक तत्व को अपने संघर्ष का हिस्सा न बनाए जो हमारे आन्दोलन को बाद में बदनाम करें।

पंजाब में जब किसान आंदोलन शुरू हुआ तब से ही किसानों को संघर्ष कर रहे पटियाला के झण्डी गाँव के मेजर खान का आज निधन हो गया। मेजर खान, जो 24 साल भारतीय सेना में सेवा कर अब किसानों के लिए संघर्ष कर रहे थे, किसान आंदोलन के लिए एक अमूल्य संपत्ति थी। वे 26 नवंबर के बाद एक बार भी घर नहीं गए थे व लगातार सिंघु बॉर्डर पर ही थे। पर्दे के पीछे रहकर उन्होंने किसान आंदोलन में बहुत बड़ी भूमिका निभाई। वह एक जिंदादिल इंसान थे जिनके स्वभाव के कारण हर नेता और कार्यकर्ता आज शोक में डूबा है। उनकी शहीदी संयुक्त किसान मोर्चा और किसान समाज हमेशा याद रखेगा। उनकी इच्छा थी कि यह किसान आंदोलन जीतकर ही वह अपने घर जाएंगे। अब यह किसानों की सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम मेजर खान समेत सभी शहीद किसानों के सपनों को पूरा करें।


जारीकर्ता- बलवीर सिंह राजेवाल, डॉ दर्शन पाल, गुरनाम सिंह चढूनी, हनन मौला, जगजीत सिंह डल्लेवाल, जोगिंदर सिंह उग्राहां, युद्धवीर सिंह, योगेंद्र यादव, अभिमन्यु कोहाड़
संयुक्त किसान मोर्चा


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