आज के तकनीकी युग में भी किताबों का महत्त्व कम क्यों नहीं हुआ है…
जब व्यक्ति पढ़ता है, तो वह यह सीखता है कि किसी भी बात को आँख मूँदकर स्वीकार करना आवश्यक नहीं है। यही पढ़ने की आदत धीरे-धीरे तर्कवादी दृष्टि को जन्म देती है, जहाँ “क्यों” और “कैसे” जैसे प्रश्न केंद्रीय हो जाते हैं।
Read More