
वकील ने ‘तानाशाह मोदी’ की ‘गूंगी बहरी चेतना को जगाने’ के लिए जान दे दी! पढ़ें सुसाइड नोट
जलालाबाद (फाजिल्का) बार एसोसिएशन सदस्य एडवोकेट अमरजीत सिंह ने सुसाइड नोट में इसके लिए किसान आंदोलन के प्रति सरकार की उदासीनता को जिम्मेदार बताया है.
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जलालाबाद (फाजिल्का) बार एसोसिएशन सदस्य एडवोकेट अमरजीत सिंह ने सुसाइड नोट में इसके लिए किसान आंदोलन के प्रति सरकार की उदासीनता को जिम्मेदार बताया है.
Read Moreआज एनडीए छोड़ने की घोषणा करने से पहले बेनीवाल सैकड़ों की संख्या में किसानों के साथ कोटपुतली पहुंचे हैं. उन्होंने दो लाख किसानों के साथ दिल्ली कूच करने का आह्वान किया था.
Read Moreकिसान आंदोलन समर्थन समिति (लखनऊ) ने किसान आंदोलन को समर्थन में एक अपील जारी कर जनता से इस आंदोलन से जुड़ने और समर्थन देने का आह्वान किया है. इसे यहां पढ़ा जा सकता है.
Read Moreबिना शीर्षक की यह अद्भुत रचना खेती-किसानी पर कारपोरेटी हमले का दृश्यांकन है जो दर्शकों को दुख और सदमे से गुज़ारते हुए आक्रोश की ओर ले जाती है। इसकी परिकल्पना जन संस्कृति के पैरोकार और अनूठे कला गुरू प्रोफ़ेसर धर्मेंद्र कुमार ने की है।
Read Moreछिन्दवाड़ा में किसान संघर्ष समिति के 23वें स्थापना दिवस के अवसर पर समिति के सचिव चेतराम ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि सरकार लगातार किसानों को गुमराह कर रही है।
Read Moreकेंद्र सरकार ने बीते 20 दिसम्बर को किसान संगठनों को पत्र भेज कर किसान नेताओं से मिलने की तारीख के लिए सुझाव मांगे थे। जिसके जवाब में 23 तारीख को किसान संयुक्त …
Read Moreआज सुबह राहुल गाँधी ने कांग्रेस मुख्यालय में अपने उन सांसदों से मुलाकात की जिनके साथ वे राष्ट्रपति भवन तक जाना चाहते थे। राष्ट्रपति भवन तक ले जाने के लिए दो मिनी ट्रकों में रखे गए पौने दो करोड़ किसानों के हस्ताक्षर कांग्रेस राष्ट्रपति को सौंपना चाहती थी। मार्च की इजाजत न मिलने और कांग्रेस मुख्यालय के बाहर धारा 144 लगाए जाने से ये दोनों ट्रक फिलहाल वहीं खड़े हैं।
Read Moreयुवाओं को किसान आंदोलन से जोड़ने के लिए विशेष रूप से शुरू किये गए एक हैन्डल ट्रैक्टर टू ट्विटर ने लिखा है कि किसानों को बार्बर तरीके से पीटा गया है।
Read Moreजब आन्दोलन दिल्ली पहुँचा तो सरकार ने नेताओं को मजबूर किया कि वे धारावार आलोचना पेश करें और नेताओं ने सर्वसम्मति से इस आलोचना के साथ 3 दिसम्बर को सरकार को यह समझा दिया कि अगर किसानों की जमीन व जीविका बचनी है तो ये तीनो कानून वापस होने होंगे। पर सरकार ने खुद-ब-खुद 8 मुद्दे छांट लिये और अब वह यह दावा कर रही है कि यही 8 मुद्दे मुख्य हैं।
Read Moreकिसानों के इस समूह में महाराष्ट्र के 20 जिलों के किसान शामिल हैं. ये लोग 24 तारीख को राजस्थान-हरियाणा की सीमा पर पहुंच कर किसानों के प्रदर्शन में शामिल होंगे.
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