ये नाटो-नाटो क्या है! विश्व शांति के हक में और यूक्रेन युद्ध के खिलाफ AIPSO का प्रदर्शन

मालवा मिल पर प्रदर्शन को देखकर कुछ विजिलेंस वाले भी पहुंचे। उन्होंने नाटो-नाटो लिखे नारे को देखा और पूछने लगे कि यह नाटो-नाटो क्या है, हम तो यह सोचकर आए थे कि नोटा को लेकर कोई प्रदर्शन हो रहा है। जब शांति संगठन के सदस्य विजय दलाल ने उन्हें बताया कि किस तरह से नाटो का भंग होना विश्व शांति के लिए ज़रूरी है तो उन्होंने राहत की साँस ली और लौट गए।

Read More

मानसून सत्र में पेश हो भारत रोजगार संहिता, संयुक्त युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अधिवेशन में उठी मांग

रोजगार अधिकार के लिए 113 युवा संगठनों द्वारा बनाए गए ‘संयुक्त युवा मोर्चा’ का पहला राष्ट्रीय अधिवेशन राजधानी दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में शनिवार को संपन्न हुआ। सम्मेलन में केंद्र सरकार से रोजगार अधिकार की गारंटी के लिए 20 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र में विधेयक लाने की मांग पुरजोर तरीके से उठी।

Read More

उत्तर प्रदेश में तत्काल हो वेज रिवीजन, असंगठित मजदूरों को मिले सामाजिक सुरक्षा : वर्कर्स फ्रंट

प्रमुख सचिव से अपनी अध्यक्षता में श्रमिक संगठनों की बैठक बुलाने का अनुरोध किया गया ताकि प्रदेश में करोड़ों असंगठित मजदूरों का जीवन सुरक्षित हो सके। इसी संदर्भ में साझा मंच ने 21 जुलाई को तमाम श्रमिक संगठनों की बैठक भी बुलाई है ताकि आगामी रणनीति तय की जा सके।

Read More

अमेरिका की जूनियर पार्टनर बनी मोदी सरकार: AIPF

यह वक्तव्य आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट की राष्ट्रीय कार्यसमिति की हुई बैठक के आधार पर जारी किया गया। वक्तव्य को आइपीएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस. आर. दारापुरी ने जारी किया।

Read More

मणिपुर: NFIW के तथ्यान्वेषी दल पर हुई FIR वापस लो

भारतीय महिला फेडरेशन, मध्य प्रदेश इन साथियों की बहादुरी पर उन्हें बधाई और धन्यवाद देती है वहीं उनके खिलाफ दर्ज हुई इस बेबुनियाद और वाहियात एफआईआर को तुरंत वापस लेने की मांग सरकार से करती है।

Read More

मानवीय मूल्यों के पालन से ही आएगा शांति सद्भाव: डॉ. डैंजिल फर्नांडीज

उत्तर प्रदेश के राज्य समन्वयक प्रो. मोहम्मद आरिफ ने संविधान के मूल्यों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान प्रजा से नागरिक बनने की कहानी है तथा धर्मनिरपेक्षता और सद्भाव इसकी आत्मा है।

Read More

राज बहादुर नहीं रहे! यूपी प्रेस क्लब अपने सबसे बड़े जख्म को कैसे भरेगा

वेतनविहीन भुक्तभोगी पत्रकार ख़ुद्दारी की चादर ओढ़कर अपना हर दर्द खुद सहता रहता है। वो किसी के आगे हाथ नहीं फैलाता। दर्द और फिक्र दिल और दिमाग में जमा होती रहती है, और एक दिन हृदयाघात जिन्दगी की सारी मुश्किलों को आसान कर देता है।

Read More

हमारी, आपकी काल-बेला को लिखा है समरेश दा ने

पहली कहानी देश बांग्ला की प्रतिष्ठित पत्रिका देश में छपी। उपन्यास काल बेला के लिए उन्हें 1984 में साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला।

Read More

यह दुनिया बदली जा सकती है! मार्क्स की जयंती पर जलसा

बुद्ध और मार्क्स की तुलना करना ग़लत है। दोनों के समय में दो हज़ार बरस का अंतर है। बुद्ध और मार्क्स, दोनों के ही योगदान अपनी-अपनी तरह से अप्रतिम है। किसी एक को बड़ा बताने के लिए किसी दूसरे को छोटा करना ज़रूरी नहीं।

Read More

खिरिया बाग के आंदोलनकारियों के ऊपर झूठे मुकदमे के खिलाफ नागर समाज का साझा बयान

नागर समाज ने कहा कि किसान नेता राजीव यादव के अपहरण करने की शिकायत करने पहुंची महिलाओं को एसपी आजमगढ़ के कार्यालय में न घुसने देना महिलाओं का अपमान है। वहीं दलित महिलाओं को मारने पीटने, जातिसूचक गालियां देने और उनके साथ अभद्रता करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई न करके दलित महिलाओं पर मुकदमा करना सरासर संविधान का अपमान है।

Read More