रामनवमी: मानवीय सभ्यता में करुणा और नैतिकता के आवाहन का पर्व

रामनवमी केवल उत्सव का अवसर नहीं है, बल्कि एक ऐसे स्मरण में बदल जाती है जो यह भरोसा दिला सके कि जब समाज दिशाहीन हो जाए और सत्ता नैतिकता से दूर, तब भी लोकचेतना में नई शुरुआत की संभावना बनी रहेगी।

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राग दरबारी: कमंडल और मंदिर के बीच दम तोड़ता सामाजिक न्याय

क्या कारण रहा कि एक समय अछूत सी रही भाजपा आज देश में सबसे मजबूत ताकत है? सवाल यह भी है कि जो सामाजिक और राजनीतिक विरासत इतनी मजबूत थी, वह 25 साल के भीतर ही इतनी बुरी तरह क्यों बिखर गयी और हिन्दुत्ववादी ताकतों को क्यों चुनौती नहीं दे पायी?

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