हिंदी पट्टी में वामपंथ की एक और पुरानी धार सूखी, बलिया में चितरंजन सिंह का निधन
बीते कुछ साल से वे जमशेदपुर में अपने भाई के यहाँ रह कर इलाज करवा रहे थे. हाल ही में उन्हें बलिया स्थित अपने गाँव लाया गया. उन्हें बनारस में भारती कराया गया था जहां डॉक्टरों ने बताया था कि उनके कुछ अंग काम करना बंद कर चुके हैं.
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