इंदौर ने तोड़ी कोरोनाकाल की चुप्पी, जंगल बचाने के लिए पेड़ों की तरह खड़े होकर भीगते रहे लोग

दो साल पहले 2019 में मध्य प्रदेश की सरकार ने हीरा खनन परियोजना के लिए जंगल की नीलामी का टेंडर जारी किया था जिसमें आदित्य बिड़ला समूह की एस्सेल माइनिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड को ठेका मिला और सरकार ने 62.64 हेक्टेयर क़ीमती वन भूमि कंपनी को अगले पचास वर्षों के लिए पट्टे पर दे दी।

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बनारस: जान जोखिम में डाल के लोगों को बचाने वाले ग्रामीण चिकित्सकों और पत्रकारों का सम्मान

जब सरकारी अस्पतालों और बड़े अस्पतालों में बेड और आक्सीजन के लिए हाहाकार मचा हुआ था उस समय दूरदराज के गाँवों में चिकित्सकजन ने बड़े ही जिम्मेदारी से पीड़ित और संक्रमित लोगों को चिकित्सा सुलभ करायी। इन चिकित्सकों के पास प्रायः बड़ी डिग्री नहीं होती लेकिन इनका विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज करने का अनुभव कहीं बहुत ज्यादा है और यही कारण था कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान इन चिकित्सकों ने ग्रामीण क्षेत्र में हजारों लोगों की जान बचायी।

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इस बार क्यों बदला-बदला सा है मॉनसून का मिजाज़?

NASA (नासा) के गोडार्ड इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस स्टडीज़ का कहना है कि सबसे गर्म वर्ष का पिछला रिकॉर्ड 2016 के नाम था जिस बाद 2020 सबसे गर्म वर्ष किया गया है। पिछले 30 वर्षों के रुझान स्पष्ट रूप से संकेत देते हैं कि वैश्विक तापमान में वृद्धि ज़्यादातर मानव-प्रेरित गतिविधियों के कारण होती है जिससे जलवायु पैटर्न और वार्षिक मौसम प्रणाली बदलते हैं।

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Vaccine Internationalism: बिग फार्मा के एकाधिकार को चुनौती में केरल ने मिलायी अपनी आवाज़!

केरल के मुख्‍यमंत्री विजयन ने वैक्‍सीन उत्‍पादन को विस्‍तार देने की प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि वे इंस्टिट्यूट ऑफ एडवांस्‍ड वाइरोलॉजी में एक अनुसंधान इकाई की शुरुआत करेंगे और केरल स्‍टेट ड्रग्‍स एंड मैन्‍युफैक्‍चरर्स जैसी सार्वजनिक इकाइयों को वैक्‍सीन निर्मित कर के निर्यात करने की अनिवार्यता लागू करेंगे।

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Vaccine Internationalism: एक नयी अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य व्यवस्था का आग़ाज़ हो चुका है!

जो नयी अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य व्यवस्था कायम होगी, उसमें 1970 के दशक में दक्षिणी गोलार्द्ध के देशों द्वारा संयुक्त राष्ट्र के माध्यम से रखे गये उन प्रस्तावों की अनुगूंज निहित है जो न्यू इंटरनेशनल इकनॉमिक ऑर्डर के रास्ते आने वाले आर्थिक साम्राज्यवाद और निर्भरता को अंत करने का आह्वान करते थे।

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जलवायु, कोविड और प्रकृति के पतन के तिहरे संकट से निपटने में G7 देशों की तैयारी नाकाफ़ी

यदि ये नेतागण अक्टूबर में होने वाली G20 बैठक तक एकजुट नहीं होते हैं, तो COP26 बैठक का विफल होना तय है। फ़िलहाल सितंबर में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा अब COP26 से पहले G7 नेताओं के लिए महत्वपूर्ण तारीख के रूप में निर्धारित की गयी है।

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पत्रकार की संदिग्ध मौत का PCI और EGI ने लिया संज्ञान, यूनियनें रोष में, विपक्ष सक्रिय, CBI जांच की मांग

एडिटर्स गिल्‍ड ने पुलिस की इस थ्‍योरी पर सवाल उठाया है कि श्रीवास्‍तव की मोटरसायकिल हैंडपम्‍प में टकराने से हुए हादसे में उनकी मौत हुई। इससे कहीं ज्‍यादा चौंकाने वाली बात ये है कि पत्रकार ने अपनी मौत से पहले पुलिस को पत्र लिखकर अपनी जान को शराब माफिया से खतरा बताया था और अंदेशा जताया था कि उनका पीछा किया जा रहा है।

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जलवायु परिवर्तन की कोई वैक्सीन नहीं है! भारत के स्वास्थ्यकर्मियों के लिए एक गाइड

इस दस्तावेज का उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को जलवायु परिवर्तन और मरीजों तथा समुदायों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले उसके असर के बारे में विभिन्न विचार-विमर्श करने और मीडिया, विधायिका तथा नीति निर्धारकों जैसे हितधारकों को प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार करना और संचार संबंधी विभिन्न उद्देश्यों को पूरा करना है।

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आजमगढ़: प्रवासी श्रमिकों के भरण-पोषण और रोजगार के सरकारी दावों पर सर्वे ने उठाये सवाल

रिहाई मंच के महासचिव राजीव यादव ने बताया कि पहली कोरोना लहर के कारण लगाये गये लॉकडाउन के बाद घर वापस आये प्रवासी मजदूरों के साथ संवाद स्थापित किया गया. आजमगढ़ के गौसपुर, सहदुल्लापुर, मोइयां मकदूमपुर, टेलीपुर, शुकुरपुर, शेखपुर हिसाम, हटवा खालसा, अहियायी, बेनुपुर, लहुआ खुर्द, कोइलाड़ी, हाजीपुर, हड़िया मित्तूपुर, रुस्तमपुरा अशरफ पट्टी, संगम नगर, घिनहापुर, देवयित उस्मानपुर, बसिला, इनवल, बासुपुर, कसेहुआँ गांवों के 225 प्रवासी मजदूरों के साथ एक सर्वे/संवाद हुआ.

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किसानों के ‘गुप्त एजेंडे’ पर हरियाणा के गृह मंत्री का बयान बेहद आपत्तिजनक: SKM

बीती रात एक बार फिर बारिश के दौरान प्रदर्शन कर रहे किसान अपने तंबू गिरने और पानी में डूबने से भीग गए, लेकिन वे इस संघर्ष को तब तक जारी रखेंगे जब तक मोदी सरकार उनकी सभी जायज मांगों को पूरा नहीं कर देती।

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