डॉ. धर्मवीर पर मित्ररंजन का मूल लेख यहां पढ़ें

रविवार 11 अगस्‍त के जनसत्‍ता में मित्ररंजन का एक लेख छपा था ”गढ़े हुए तथ्‍यों का तूमार”, जिसमें डॉ. धर्मवीर के लिखे की आलोचना की गई थी। यह लेख जनसत्‍ता …

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ख्यातिलब्ध चिन्तक कँवल भारती की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रतिरोध पत्र

हम लेखक, कवि, बुद्धिजीवी, ब्लॉगर, फेसबुक यूजर्स वरिष्ठ चिन्तक कँवल भारती की गिरफ्तारी की कार्यवाही की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं. यह अभिव्यक्ति के अधिकार पर हमला है. कँवल …

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हंस की गोष्‍ठी पर वरवर राव का खुला पत्र

क्रांतिकारी कवि वरवर राव प्रेमचंद जयंती पर हंस के सालाना कार्यक्रम में आए कई लोग जानते थे कि अरुंधति राय की सहमति के बगैर उनका नाम आमंत्रण में छपा था …

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मोर्चा संभालो अपना, वीरेनदा!

पलाश बिस्‍वास  कविता कैसे लिखी जाए या कोई व्‍यक्ति कवि कैसे कहलाए, इससे कहीं ज्‍यादा अहम बात यह है कि जो लिखा जा रहा है उसमें कविताई कितनी है। वह …

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हिंदी के लेखकों, पत्रकारों, बुद्धिजीवियों, संस्‍कृतिकर्मियों और पाठकों का सामूहिक बयान

हम हिंदी के लेखक, कवि, बुद्धिजीवी, सांस्कृतिक कार्यकर्ता, ब्लॉगर, पत्रकार  और इंटरनेट पर सक्रिय पाठक देश के समक्ष उपस्थित तमाम चुनौतियों पर एतद्द्वारा अपना पक्ष रख रहे हैं तथा सम्बंधित …

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भूटान के चुनाव में भारत का बेशर्म हस्तक्षेप

आनंद स्‍वरूप वर्मा  भूटान में संपन्न 13 जुलाई के दूसरे आम चुनाव ने भारत सरकार की विदेश नीति के दिवालियेपन को एक बार फिर उजागर किया है। इस चुनाव में …

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कूढ़ मगज से रिसता मवाद: भाग मिल्‍खा…

अभिषेक श्रीवास्‍तव  किन्‍हीं दो व्‍यक्तियों के जीवन की तुलना अगर नहीं की जा सकती, तो उसी तर्ज पर उन दो व्‍यक्तियों के जीवन पर बनी फिल्‍मों की तुलना भी नहीं …

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