कहानी तीन गांवों की: दूसरी किस्‍त

अभिषेक श्रीवास्‍तव  (गतांक से आगे) हम आगे बढ़ चुके थे, लेकिन दिमाग खरदना में ही अटका था। गाड़ी में हमारी आपस में बहस भी हो गई। इस चक्कर में हमने …

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कहानी तीन गांवों की : पहली किस्‍त

अभिषेक श्रीवास्‍तव  बचपन में सुदर्शन की लिखी एक कहानी पढ़ी थी ‘हार की जीत’। घटनाओं के विवरण छोड़ दें तो बाकी सब याद है। इसमें एक पात्र था बाबा भारती …

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तालिबान के गढ़ में मलाला की आवाज़

तालिबान की ज्यादतियों के खिलाफ पिछले तीन वर्षों से बेख़ौफ़ आवाज़ बुलंद करने वाली 14 वर्षीय मलाला यूसुफ्जई को एक तालिबानी आतंकवादी ने गोली मार दी और वह अभी भी …

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जैंजिबार के दिन और रातें: आखिरी किस्‍त

(इस श्र्ंखला को आरंभ में 12 किस्‍तों में प्रस्‍तुत करने की योजना थी, लेकिन बीच में कुछ मित्रों का सुझाव आया कि पोस्‍ट बहुत छोटी लग रही है। इसे और …

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जैंजिबार के दिन और रातें: नौवीं किस्‍त

प्रो. विद्यार्थी चटर्जी  सभी दिशाओं से सदियों से अन्वेषकों और व्यापारियों को अपने यहां खींचने वाले इस द्वीप पर यदि मैं नहीं आता तो मोहम्मदअमीन की दास्तान से अनजान रह …

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जैंजिबार के दिन और रातें: आठवीं किस्‍त

प्रो. विद्यार्थी चटर्जी  बहरहाल, एक बार फिर चंद्रेश पर लौटते हैं। उसने एक दिन मुझसे पूछा कि क्या मैं इस जज़ीरे के आखिरी छोर पर उसकी खरीदी एक प्रॉपर्टी देखना …

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जैंजि़बार के दिन और रातें: सातवीं किस्‍त

प्रो. विद्यार्थी चटर्जी  यदि आप अश्वेत अफ्रीकियों से बात करें तो कई बार आपको यह अहसास होगा कि वे अफ्रीका में बसे भारतीयों को पसंद नहीं करते। वे अकसर आपसे …

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