हरियाणा में किसान महापंचायत ने मंत्री जेपी दलाल को बर्खास्त करने का प्रस्ताव किया पारित, दिया ज्ञापन


संयुक्त किसान मोर्चा प्रेस नोट
84वां दिन, 16 फरवरी 2021

संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा किसानों के मसीहा सर छोटू राम की जयंती मनाई जा रही है। सर छोटू राम को याद करते हुए देश के विभिन्न किसान संगठनों के नेताओं ने कहा कि सर छोटू राम ने अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण के साथ कृषक समुदाय को उचित मार्गदर्शन दिया और ब्रिटिश सरकार में किसान हितों के लिए 22 महत्वपूर्ण कानून पारित करवाये। किसानों को शोषणकारी साहूकारों के चंगुल से मुक्त करवाया। देश भर में किसान अभी भी संघर्ष की राह पर हैं, जिनके लिए छोटू राम प्रेरणा स्रोत हैं।

हरियाणा के किसान नेताओं ने किसान विरोधी जेपी दलाल और अनिल विज को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है। हरियाणा में किसानों ने महापंचायतों द्वारा जेपी दलाल को बर्खास्त करने के प्रस्ताव पारित किये एवं मुख्यमंत्री व राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी दिए है।

उत्तर प्रदेश के किसानों ने बताया है कि महंगाई बढ़ने के बावजूद गन्ने की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। यहां तक ​​कि अकेले उत्तर प्रदेश में किसानों का गन्ने का बकाया लगभग 12000 करोड़ रुपये है। “यूपी सरकार की किसान विरोधी नीतियां बहुत स्पष्ट हैं और इससे चल रहे विरोध प्रदर्शन में और भी किसानो के शामिल होने की उम्मीद है”।

किसान विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में किसान महापंचायतों / जनसभाओं के दौर में, तेलंगाना के खम्मम में कल एक महासभा आयोजित की गई, जहाँ हजारों किसानों ने हिस्सा लिया। रैली और जनसभा AIKMS द्वारा आयोजित की गई थी। सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ साथ कॉरपोरेट के खेती पर कब्जे के बाद आत्महत्या करते किसान के दर्द का प्रदर्शन करते हुए एक झांकी भी सभा मे प्रस्तुत की गयी।

डॉ. दर्शन पाल
सयुंक्त किसान मोर्चा


About जनपथ

जनपथ हिंदी जगत के शुरुआती ब्लॉगों में है जिसे 2006 में शुरू किया गया था। शुरुआत में निजी ब्लॉग के रूप में इसकी शक्ल थी, जिसे बाद में चुनिंदा लेखों, ख़बरों, संस्मरणों और साक्षात्कारों तक विस्तृत किया गया। अपने दस साल इस ब्लॉग ने 2016 में पूरे किए, लेकिन संयोग से कुछ तकनीकी दिक्कत के चलते इसके डोमेन का नवीनीकरण नहीं हो सका। जनपथ को मौजूदा पता दोबारा 2019 में मिला, जिसके बाद कुछ समानधर्मा लेखकों और पत्रकारों के सुझाव से इसे एक वेबसाइट में तब्दील करने की दिशा में प्रयास किया गया। इसके पीछे सोच वही रही जो बरसों पहले ब्लॉग शुरू करते वक्त थी, कि स्वतंत्र रूप से लिखने वालों के लिए अखबारों में स्पेस कम हो रही है। ऐसी सूरत में जनपथ की कोशिश है कि वैचारिक टिप्पणियों, संस्मरणों, विश्लेषणों, अनूदित लेखों और साक्षात्कारों के माध्यम से एक दबावमुक्त सामुदायिक मंच का निर्माण किया जाए जहां किसी के छपने पर, कुछ भी छपने पर, पाबंदी न हो। शर्त बस एक हैः जो भी छपे, वह जन-हित में हो। व्यापक जन-सरोकारों से प्रेरित हो। व्यावसायिक लालसा से मुक्त हो क्योंकि जनपथ विशुद्ध अव्यावसायिक मंच है और कहीं किसी भी रूप में किसी संस्थान के तौर पर पंजीकृत नहीं है।

View all posts by जनपथ →