रामनवमी: मानवीय सभ्यता में करुणा और नैतिकता के आवाहन का पर्व

रामनवमी केवल उत्सव का अवसर नहीं है, बल्कि एक ऐसे स्मरण में बदल जाती है जो यह भरोसा दिला सके कि जब समाज दिशाहीन हो जाए और सत्ता नैतिकता से दूर, तब भी लोकचेतना में नई शुरुआत की संभावना बनी रहेगी।

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हर्फ़-ओ-हिकायत: सीता की अनकही व्यथा और शापित अयोध्या का अधूरा प्रायश्चित

यह जानना काफी दिलचस्प होगा कि सीता समूचे रामायण को किस नजरिये से देखती रही होंगी। अयोध्या कांड से लेकर उत्तर कांड तक वह मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का साथ एक धर्मपारायण पत्नी की तरह निभाती हैं। सीता भारत के जनमानस में आदर्श महिला की सबसे बड़ी आइकन हैं, लेकिन समूची रामायण में सीता की दृष्टि से कोई भी विवरण नहीं मिलता है।

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