कांग्रेस को अपना स्थापना दिवस भी नहीं मनाने दिया पुलिस ने, पूरे UP में हुई गिरफ्तारी


कांग्रेस के 136वें स्थापना दिवस पर आज देश भर में सभाएं और पदयात्रा का आयोजन हुआ. वहीं उत्तर प्रदेश में आज कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया.

पार्टी के लखनऊ स्थित मुख्यालय पर स्थापना दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया. मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम पर पुलिस ने रोक लगा दी. कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश कार्यालय से निकल कर गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने जा रहे थे. पदयात्रा रोके जाने पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू सहित पार्टी के कई नेता धरने पर बैठ गए.

कांग्रेस की यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया है.

प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा कि-

कांग्रेस पार्टी की नसों में आजादी आन्दोलन एवं किसानों-मजदूरों के आन्दोलन का रक्त बहता है. हमारे स्थापना दिवस पर यूपी में हमें महापुरुषों का माल्यार्पण करने, संदेश यात्रा निकालने से रोका जा रहा है. नेताओं कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार, नजरबंद किया जा रहा है. ये लोकतंत्र की हत्या है.

उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अजय कुमार लल्लू ने ट्वीट कर लिखा-

वाराणसी में कांग्रेस जिलाध्यक्ष समेत लगभग 50 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया. ये लोग वाराणसी के चांदपुर कैम्प कार्यालय से कार्यकर्ता पदयात्रा निकाल रोहनिया स्थित गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण को जा रहे थे. इस बीच चांदपुर चौराहे पर पुलिस की टीम ने घेराबंदी कर पदयात्रा कर रहे कांग्रेसियों को रोक दिया.

इस दौरान पुलिस और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में तीखी झड़प भी हुई. इसके बाद कांग्रेसी कार्यकर्ता वहीं धरने पर बैठ गए जिसके बाद पुलिस की टीम ने उन्हें अरेस्ट कर जेल भेज दिया. 

शहरभर में कांग्रेस की पदयात्रा को लेकर वाराणसी पुलिस ने कई कांग्रेसी नेताओं को सुबह से ही उनके घरों में नजरबंद कर  दिया था.

प्रयागराज में भी कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया. कांग्रेस कार्यकर्ता शांति पूर्ण ठंग से जिला कलक्टरेट तक पदयात्रा करना चाहते थे जंहा आज़ादी की लड़ाई में कुर्बान लाखों शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की होनी थी किंतु आनंद भवन के सामने पहले से मौजूद भारी पुलिस बल ने गिरफ्तार कर लिया.

इसके अलावा प्रदेश भर में करीब सभी जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ता और प्रभारियों के गिरफ्तार किये जाने की ख़बर है. गाज़ीपुर, जौनपुर, गौतमबुद्ध नगर समेत कई जिलों में पदयात्रियों की गिरफ्तारी हुई.


About जनपथ

जनपथ हिंदी जगत के शुरुआती ब्लॉगों में है जिसे 2006 में शुरू किया गया था। शुरुआत में निजी ब्लॉग के रूप में इसकी शक्ल थी, जिसे बाद में चुनिंदा लेखों, ख़बरों, संस्मरणों और साक्षात्कारों तक विस्तृत किया गया। अपने दस साल इस ब्लॉग ने 2016 में पूरे किए, लेकिन संयोग से कुछ तकनीकी दिक्कत के चलते इसके डोमेन का नवीनीकरण नहीं हो सका। जनपथ को मौजूदा पता दोबारा 2019 में मिला, जिसके बाद कुछ समानधर्मा लेखकों और पत्रकारों के सुझाव से इसे एक वेबसाइट में तब्दील करने की दिशा में प्रयास किया गया। इसके पीछे सोच वही रही जो बरसों पहले ब्लॉग शुरू करते वक्त थी, कि स्वतंत्र रूप से लिखने वालों के लिए अखबारों में स्पेस कम हो रही है। ऐसी सूरत में जनपथ की कोशिश है कि वैचारिक टिप्पणियों, संस्मरणों, विश्लेषणों, अनूदित लेखों और साक्षात्कारों के माध्यम से एक दबावमुक्त सामुदायिक मंच का निर्माण किया जाए जहां किसी के छपने पर, कुछ भी छपने पर, पाबंदी न हो। शर्त बस एक हैः जो भी छपे, वह जन-हित में हो। व्यापक जन-सरोकारों से प्रेरित हो। व्यावसायिक लालसा से मुक्त हो क्योंकि जनपथ विशुद्ध अव्यावसायिक मंच है और कहीं किसी भी रूप में किसी संस्थान के तौर पर पंजीकृत नहीं है।

View all posts by जनपथ →