500 हत्‍यारों के सवा अरब साझीदार!!!

पिछले 22 साल में जम्‍मू और कश्‍मीर में 8000 से ज्‍यादा लोगों की गुमशुदगी, 70,000 से ज्‍यादा लोगों की मौत और 6000 अज्ञात अपहचानी क़ब्रों का गुनहगार कौन है? क्‍या …

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…जो जिगर के पार होता!

अभिषेक श्रीवास्‍तव  बिना संदर्भ के कुछ भी कहीं भी छाप देना पाठक के साथ ज्‍यादती है, इसलिए यह इंट्रो दे रहा हूं। बनारस गया था, चार दिन हुए लौटे। अब …

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तलाशः कैलकुलेटेड जोखिम का शीघ्रपतन

व्‍यालोक हमारे समाज में एक बड़ी मजेदार बात है। दिल्ली के सेलेक्ट सिटी वॉक में फिल्म निहारने जाती ‘कूल’ जनता हो या दरभंगा के वीडियो हॉल नुमा सिनेमाघरों में जाने …

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लोकतंत्र का टी-थ्रीः दि टेल ऑफ़ थ्री टेररिस्ट्स

पाणिनि आनंद बालासाहेब ठाकरे का निधन, अजमल कसाब की फांसी और उसके बाद अन्‍ना हज़ारे का यह बयान कि उसे चौराहे पर फांसी दी जानी चाहिए थी- तीनों मिल कर …

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बाल ठाकरे लाइव : पाणिनि आनंद की कविता

(बाबा नागार्जुन दशकों पहले लिखकर जा चुके हैं. ठाकरे की ऐसी खाल खिचाई किसी और की करने की हिम्मत शायद ही हुई हो जैसी बाबा नागार्जुन ने की है. आज …

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जनसत्‍ता को ऐसे ‘विचारों’ से अपनी दूरी बढ़ाते रहना चाहिए: उदय प्रकाश

जनसत्‍ता में 12 नवंबर को छपे शंकर शरण के लेख पर उठाई गई आपत्तियों और उसके बाद जनसत्‍ता के संपादक की ओर से आए पत्रों के क्रम में एक महत्‍वपर्ण …

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छपने लायक हो, तो मैं तालिबानी विचार भी छाप सकता हूं: ओम थानवी

12 नवंबर 2012 को जनसत्‍ता में छपे शंकर शरण के खाप समर्थक लेख ‘हिंदू विवाह और गोत्र‘ के बाद हमने अखबार और उसके संपादक से कुछ सवाल पूछे थे। मामले …

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‘जनसत्‍ता’ में एक खाप-सत्‍ता भी है!

अभिषेक श्रीवास्‍तव   दैनिक जनसत्‍ता के 12 नवम्‍बर 2012 के संपादकीय पृष्‍ठ पर शंकर शरण का लेख छपा है ‘हिंदू विवाह और गोत्र’ (http://www.jansatta.com/index.php/component/content/article/32610-2012-11-12-04-53-59)। सुबह से ही अखबार की वेबसाइट …

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जेल से दयामनी बरला की चिट्ठी

झारखंड में ज़मीन अधिग्रहण के खिलाफ संघर्ष की अगुवा नेता और पत्रकार दयामनी बरला की ज़मानत याचिका पर कल सुनवाई नहीं हो सकी। अगली सुनवाई कल यानी 8 नवम्‍बर के …

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