दहिने बाएं दहिने बाएं… थम!

व्यालोक  व्यालोक पेशे से पत्रकार हैं। विचारधारा से दक्षिणपंथी। जेएनयू में करीब पंद्रह साल पहले वे एबीवीपी के नेता रहे जिन्‍होंने परिसर में अशोक सिंघल का यज्ञ करवाकर लोकप्रियता हासिल कर …

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इस मौत में झांकने के लिए एक दरवाज़ा खुला है…

अभिषेक श्रीवास्‍तव  अतुल सक्‍सेना  कल देर रात लुधियाना से लौटा। जाना बदा था नव करन की मौत का जायज़ा लेने, ले‍किन जाने का सबब बनी परसों शाम हुई एक और मौत- …

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पी.सी. तिवारी का हरीश रावत को जेल से खुला पत्र

सेवा में,  माननीय मुख्यमंत्री हरीश रावत जी  उत्तराखण्ड सरकार, देहरादून माननीय मुख्यमंत्री जी,  एक स्थानीय चैनल ईटीवी पर कल रात व आज सुबह पुनः नानीसार पर आपका विस्तृत पक्ष सुनने …

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अदालती रोक के बाद गुंडई पर उतरा जिंदल ग्रुप, पी.सी. तिवारी पर जानलेवा हमला

पी.सी.तिवारी: जिंदल और हरीश रावत की जुगलबंदी के शिकार  उत्‍तराखण्‍ड परिवर्तन पार्टी के पी.सी. तिवारी और उनके साथियों पर डीएस जिंदल समूह के गुंडों ने आज दिन में जानलेवा हमला …

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मौत पर भारी एक शोकसभा : ‘पंकज भाई की याद में’

कवि पंकज सिह की शोक सभा, 14 जनवरी 2016, गांधी शांति प्रतिष्‍ठान, दिल्‍ली  मनुष्‍य जितना सामान्‍य होता है, या दिखता है, कभी-कभार जीते जी उस छवि को असामान्‍य तरीके से …

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लोकार्पणिए : रामजी यादव की एक सीज़नल कविता

रामजी यादव  दिल्‍ली में विश्‍व पुस्‍तक मेला चल रहा है और पूरा फेसबुक प्रगति मैदान बना हुआ है। लोकार्पण की तस्‍वीरों ने चारों ओर कब्‍ज़ा कर लिया है। पांचेक साल …

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2015 से आगे की एक कविता

अभिषेक श्रीवास्‍तव  कार्तिक की अंधेरी रात दो मोहल्‍लों के कुत्‍ते आपस में झगड़ते हैं कभी लगता है हमला हुआ है एक दल का तो कभी आवाज़ घटती सी जान पड़ती …

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शिंज़ो आबे, मोदी और एशिया की बदलती राजनीति

कुमार सुंदरम  दिसंबर में जापानी परधानमंत्री जैसे नरेंद्र मोदी के लिए सांता क्लॉज़ बन के आए थे. बुलेट ट्रेन, लड़ाकू नौसेनिक विमान, औद्योगिक गलियारे के लिए निवेश और भारत-जापान परमाणु …

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छत्‍तीसगढ़ में कैद बेगुनाह पत्रकारों के समर्थन में उतरे प्रतिष्ठित लेखक, बुद्धिजीवी और संगठन

नई दिल्‍ली, 20 दिसंबर : छत्‍तीसगढ़ की जेल में फर्जी मुकदों में बंद दो पत्रकारों संतोष यदव व सोमारू नाग की तत्‍काल रिहाई समेत कई अन्‍य मांगों को उठाने के …

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यादों के सहारे : मैं विद्रोही बोल रहा हूं!

महताब आलम  आगे विद्रोही और पीछे महताब आलम  दिल्ली के किसी नए लैंडलाइन/मोबाइल नंबर से मेरे मोबाइल पर घंटी बजती है तो दिल से निकलता है, लो आ गया फिर किसी …

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