सिंघु बॉर्डर पर चली तीन राउंड गोली, कोई नुकसान नहीं, चंडीगढ़ की कार से आए हमलावर फ़रार


दिल्‍ली के सिंघु बॉर्डर पर किसान मोर्चे में इतवार देर रात गोली चलने की खबर आयी जिससे सनसनी फैल गयी। खबर है कि तीन राउंड गोलियां किसानों पर चलायी गयी हैं। हमले में किसी को नुकसान की सूचना फिलहाल नहीं है।

ट्वीट और अनौपचारिक स्रोतों के हवाले से खबर है कि गोली चलाने वाले हमलावर ऑडी कार से आए थे जिस पर चंडीगढ़ की नंबर प्‍लेट लगी थी। इंस्‍टाग्राम पर जसवीर सिंह मुक्‍तसर ने एक वीडियो अपलोड किया है और जानकारी दी है।

घटना साढ़े ग्‍यारह से बारह बजे रात के बीच की है। भारतीय किसान यूनियन के एकता उग्राहां गुट ने इस मसले पर ट्वीट किया है और किसानों को सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है।

उधर टीकरी बॉर्डर पर हरियाणा के एक किसान ने फांसी लगाकर आत्‍महत्‍या कर ली है। हिसार निवासी राजबीर सिंह ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है।

इस बीच इतवार को 102वें दिन जारी आंदोलन में 270 से अधिक शहीदों के लिए और उत्तराखंड के नवकिरण सिंह के नाम पर सिंघु बॉर्डर पर एक विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई। कई किसान नेता उनकी प्रार्थना सभा में शामिल हुए।

संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने हरियाणा के लोगों से यह सुनिश्चित करने के लिए अपील की कि खट्टर सरकार को नो कॉन्फिडेंस मोशन के माध्यम से हराया जाए जो 10 मार्च 2021 को लिया जाएगा। इस उद्देश्य के लिए एस.के.एम द्वारा पत्र जारी किए गए थे।

8 मार्च, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को आज दिल्ली और पूरे देश में धरनास्थलों पर महिला किसान दिवस के रूप में मनाया जाएगा। भारतीय कृषि और चल रहे आंदोलन में महिला किसानों के योगदान को प्रदर्शित किया जाएगा।


About जनपथ

जनपथ हिंदी जगत के शुरुआती ब्लॉगों में है जिसे 2006 में शुरू किया गया था। शुरुआत में निजी ब्लॉग के रूप में इसकी शक्ल थी, जिसे बाद में चुनिंदा लेखों, ख़बरों, संस्मरणों और साक्षात्कारों तक विस्तृत किया गया। अपने दस साल इस ब्लॉग ने 2016 में पूरे किए, लेकिन संयोग से कुछ तकनीकी दिक्कत के चलते इसके डोमेन का नवीनीकरण नहीं हो सका। जनपथ को मौजूदा पता दोबारा 2019 में मिला, जिसके बाद कुछ समानधर्मा लेखकों और पत्रकारों के सुझाव से इसे एक वेबसाइट में तब्दील करने की दिशा में प्रयास किया गया। इसके पीछे सोच वही रही जो बरसों पहले ब्लॉग शुरू करते वक्त थी, कि स्वतंत्र रूप से लिखने वालों के लिए अखबारों में स्पेस कम हो रही है। ऐसी सूरत में जनपथ की कोशिश है कि वैचारिक टिप्पणियों, संस्मरणों, विश्लेषणों, अनूदित लेखों और साक्षात्कारों के माध्यम से एक दबावमुक्त सामुदायिक मंच का निर्माण किया जाए जहां किसी के छपने पर, कुछ भी छपने पर, पाबंदी न हो। शर्त बस एक हैः जो भी छपे, वह जन-हित में हो। व्यापक जन-सरोकारों से प्रेरित हो। व्यावसायिक लालसा से मुक्त हो क्योंकि जनपथ विशुद्ध अव्यावसायिक मंच है और कहीं किसी भी रूप में किसी संस्थान के तौर पर पंजीकृत नहीं है।

View all posts by जनपथ →