सिंगरौली: आखिरी किस्त
धुंधलाती उम्मीदें, पथरायी आंखें धुंधलाती उम्मीद अपनी महान नदी और उससे लगे महान के जंगल को बचाने के लिए ग्रामीणों के पास नियमगिरि के संघर्ष के मॉडल से चलकर एक …
Read MoreJunputh
धुंधलाती उम्मीदें, पथरायी आंखें धुंधलाती उम्मीद अपनी महान नदी और उससे लगे महान के जंगल को बचाने के लिए ग्रामीणों के पास नियमगिरि के संघर्ष के मॉडल से चलकर एक …
Read Moreअविश्वास की ज़मीन सिंगरौली का इलाका बहुत पिछड़ा और सामंती रहा है। यहां हमेशा से ब्राह्मणों और राजपूतों का वर्चस्व रहा है। लोगों की मानें तो अब भी ऐसे …
Read Moreचयनित विरोध की राजनीति हम निकलने को हुए तो एक नौजवान जंगल की ओर से आता दिखा। उसने एक खूबसूरत सी सफेद रंग की टीशर्ट पहनी हुई थी। उस पर …
Read Moreअभिषेक श्रीवास्तव पिछले महीने मीडिया में लीक हुई एक ‘खुफिया’ रिपोर्ट में भारत की इंटेलिजेंस ब्यूरो ने कुछ व्यक्तियों और संस्थाओं के ऊपर विदेशी धन लेकर देश में विकास परियोजनाओं …
Read Moreव्यालोक इस शहर का मौसम बदल गया है। अब यह शहर हो गया है, सही मायनों में और पहले जो मेरा मोहल्ला होता था, वह अब ‘कॉलोनी’ में बदल गया …
Read Moreआख़िरकार 12 वर्ष लम्बे संघर्ष का परिणाम रंग लाया और भूजल व् प्रदुषण के लिए जिम्मेदार कोका कोला प्लांट मेंहदीगंज राजा तालाब वाराणसी को गत 6 जून 2014 को प्रदुषण …
Read Moreअभिषेक श्रीवास्तव 1 मेरी पत्नी जब सोती है चैन से बिलकुल बच्चे की तरह निर्दोष तब याद आते हैं पिता… क्योंकि तब, मेरी मां ले रही होती है करवटें अपने …
Read Moreबीती 16 मई को जब लोकसभा चुनाव के नतीज़े सामने आए थे, तो बहुत लोग बहुत कुछ बोलने को बेताब थे और बहुत से दूसरे लोग कुछ भी कहने से …
Read More
भारतीय इतिहासलेखन के विकास, असहमति की परंपरा तथा बौद्धिक अभिव्यक्तियों को बाधित करने के मौजूदा प्रयासों पर रोमिला थापर की कुलदीप कुमार से बातचीत (अनुवाद: अभिषेक श्रीवास्तव) आपकी …
Read More
हाशिया अभी-अभी कुछ ज्यादा चौड़ा हुआ है। अकसर केंद्र तक टहल मार आने वाले तमाम लोगों में से कई परिधि पर धकेल दिए गए हैं। मेरी चिंता उन्हें लेकर नहीं …
Read More