अडानी की मानहानि के केस में परंजॉय गुहा ठाकुरता के खिलाफ गुजरात से गिरफ्तारी का वारंट


वरिष्‍ठ पत्रकार परंजॉय गुहा ठाकुरता के खिलाफ गुजरात के कच्‍छ की एक अदालत से गिरफ्तारी का वारंट जारी हुआ है। मामला 2017 का है जब अडानी समूह ने उनके खिलाफ मानहानि का एक मुकदमा दायर किया था।

मंगलवार को दिये आदेश में न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट प्रदीप सोनी ने कहा कि ठाकुरता पर आइपीसी की धारा 500 के तहत मानहानि का आरोप है। आदेश में अदालत में दिल्‍ली के निज़ामुद्दीन थाने को पत्रकार को गुजरात लेकर आने और अदालत के समक्ष प्रस्‍तुत करने को कहा है।

स्‍क्रॉल डॉट इन की खबर के अनुसार ठाकुरता के वकील ने पीटीआइ को बताया कि उन्‍हें इस आदेश की कोई जानकारी नहीं है। उनके मुताबिक मीडिया के माध्‍यम से अरेस्‍ट वारंट की सूचना उन तक पहुंची है।  

वेबसाइट दि वायर ने 2017 में ठाकुरता का एक लेख पुनर्प्रकाशित किया था जिसमें उन्‍होंने आरोप लगाया था कि अडानी पावर को 500 करोड़ का फायदा पहुंचाने के लिए सरकार ने स्‍पेशल इकनॉमिक ज़ोन के नियमों में फेरबदल की थी। अडानी समूह ने इस लेख पर दि वायर और ठाकुरता दोनों के खिलाफ मुकदमा दायर किया था।

जुलाई 2018 में गुजरात की अदालत ने वेबसाइट को भेजे गये समन और आपराधिक शिकायत को वापस ले लिया था, जिसके बाद अडानी ने दि वायर के खिलाफ अपनी शिकायत वापस ले ली थी। ठाकुरता के खिलाफ मुकदमा जारी था। इस मामले में एक डिसचार्ज अप्लिकेशन लगी हुई है।

जिस लेख पर मुकदमा हुआ था वह सबसे पहले इकनॉमिक एंड पॉलिटिकल वीकली में छपा था। अडानी समूह ने जब ईपीडब्‍लू को नोटिस भेजा तो उसने यह लेख अपने यहां से हटा लिया। दि वायर ने उसी लेख को दोबारा प्रकाशित कर दिया। ईपीडब्‍लू द्वारा लेख हटाये जाने के बाद ही ठाकुरता ने उसके संपादक के पद से इस्‍तीफा दे दिया था, जिसकी मीडिया में काफी चर्चा हुई थी।


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