
अमृतलाल नागर: भारतीय जनजीवन के आशावान स्वप्नों के चितेरे
प्रेमचंदोत्तर हिंदी साहित्य को जिन साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से संवारा है, उनमें अमृतलाल नागर का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। किस्सागोई के धनी अमृतलाल नागर ने कई विधाओं …
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प्रेमचंदोत्तर हिंदी साहित्य को जिन साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से संवारा है, उनमें अमृतलाल नागर का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। किस्सागोई के धनी अमृतलाल नागर ने कई विधाओं …
Read Moreसंसद में माननीय कहे जाने वाले सांसदों का असंसदीय आचरण हमारे लोकतंत्र के गिरते स्तर का प्रतीक है। इस बार के संसदीय सत्र में हम सबने जो देखा, उस पर गर्व कैसे किया जाए नहीं, बल्कि शर्म कितनी की जाए, यह सबसे बड़ा सवाल है।
Read Moreचूंकि शिक्षा केंद्र और राज्य दोनों के अधीनस्थ विषय है अतः यह तब तक संभव नहीं है जब तक कि राज्य सरकार की ऐसी मंशा न हो। इस मामले में दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था में संसाधनात्मक और संरचनात्मक नवीनता सबसे बड़ा उदाहरण है।
Read Moreहैदराबाद में हुई एक घटना जहां एक महिला डॉक्टर के साथ उस समय बलात्कार किया गया जब वह अपने काम से लौट रही थी, इस बात का प्रमाण है कि भारत में महिलाएं नौकरी करने के लिए आज भी सुरक्षित नहीं हैं। ऐसी घटनाएं दूसरी महिलाओं को नौकरी या करियर के बारे में कुछ भी तय करने से पहले दो बार सोचने पर मजबूर कर देती हैं।
Read Moreमनोहर ने जैसे ही अख़बार खोला, प्रथम पृष्ठ पर ही बड़े-बड़े अक्षरों में एक घोटाले के पकड़े जाने का समाचार छपा था! “तुम्हें ये कैसे मालूम कि किसी घोटाले का समाचार छपा होगा आज के अख़बार में?” मनोहर ने जब पूछा तो अंदर से जवाब आया, “देखो भाई! जब-जब देश का ईमान कहीं गिरा है तब-तब ऐसे घोटाले हुए हैं!”
Read Moreकोरोना संक्रमण के पहले चरण में जिस तरह से मजदूरों के साहस और संघर्ष को याद किया जाएगा उसी से तरह श्मशान घाट पर ‘आग देने वाले’ इन ‘योद्धाओं’ को भी नहीं भूलना चाहिए और इनके योगदान को भी इतिहास में जगह मिलनी चाहिए। यह बात हिन्दूवादी व्यवस्था को चलाने वाले ‘ठेकेदारों’ को भी समझने की जरूरत है।
Read Moreफादर स्टेन की मूल कविता ‘प्रिज़न लाइफ- अ ग्रेट लेवलर’ का हिन्दी अनुवाद राजेंदर सिंह नेगी ने किया है और यहाँ उनके फ़ेसबुक से साभार प्रकाशित है
Read Moreशैलेन्द्र चौहान की पांच कविताएं ईहा सारंगी के तारों से झरताकरुण रसहल्का हल्का प्रकाशकानों में घुलने लगते मृदु और दुःखभरे गीतशीर्षहीन स्त्रीसारंगी तू सुनमद्धम सी धुन अनवरत तलाश एक चेहरे …
Read Moreकुश्ती को लेकर उनकी दीवानगी कुछ ऐसी थी कि जब पूरा गांव सोता था, तो वह कुश्ती के हुनर सीखते थे। उनकी कद-काठी भी पेशेवर पहलवानों जैसी ही थी। इसके अलावा लाठी चलाना, बाढ़ में नदी को तैर कर पार करना, सोते समय फौज और जंग के सपने देखना तथा अपनी गुलेल से पक्का निशाना लगाना भी उनकी खूबियों में था।
Read Moreकोरोना बीमारी के साथ ही साथ सरकारों को ‘अफवाह की महामारी’ से भी लड़ना पड़ेगा। संचार के सशक्त होते माध्यमों से नागरिक आवाज़ों को जरूर बल मिला, लेकिन उसके साथ ही दबे पाँव उन समस्याओं का भी आगमन हुआ है जिनसे हम सब लड़ रहे हैं।
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