बनारस में भुखमरी की पहली रिपोर्ट करने वाले पत्रकारों के उत्पीड़न पर NHRC का चीफ सेक्रेटरी को नोटिस


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में लॉकडाउन के दौरान भूख से जुड़ी सबसे पहली रिपोर्ट लिखने वाले पत्रकार के प्रशासनिक उत्पीड़न की शिकायत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव को एक नोटिस जारी करते हुए 8 सप्ताह के भीतर कार्रवाई करने और पीड़ित को इससे सूचित करने का निर्देश दिया है.

मामला बनारस के कोइरीपुर गाँव के मुसहर बच्चों का था जो लॉकडाउन के पहले चरण में भूख से बिलबिला कर अंकरी नाम की एक जंगली घास खाने को मजबूर हो गए थे. इस घटना पर जनसंदेश टाइम्स के पत्रकार विजय विनीत और मनीष मिश्र ने एक रिपोर्ट की, जिसके बाद जिलाधिकारी की ओर से कानूनी कार्रवाई का उन्हें नोटिस भेजा गया और खबर का खंडन छापने को कहा गया. खंडन छापने की अवधि ख़त्म होने से पहले ही शहर के मानवाधिकार कार्यकर्ता लेनिन रघुवंशी ने आयोग में विस्तृत शिकायत दर्ज करवा दी थी.

NHRC को 27 मार्च 2020 को भेजी शिकायत में कहा गया था:

महोदय, प्रकाशित खबर को संज्ञान में लेकर 26 मार्च, 2020 को जिला मजिस्ट्रेट वाराणसी श्री कौशल राज शर्मा ने जन सन्देश टाइम्स के वरिष्ठ संपादक श्री विजय विनीत और श्री सुभाष राय, प्रधान संपादक को नोटिस (संख्या789/ – एस० टी० – कैंप – 2020) जारी किया| जिसमे उन्होंने लिखा कि यदि आपके द्वारा कल दिनांक 27.03. 2020 के जनसन्देश टाइम्स के प्रकाशन में उक्त समाचार का खंडन जारी नहीं किया तो विधिक कार्यवाही में अमल में लायी जाएगी| इस नोटिस को उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, वाराणसी और थाना अध्यक्ष चेतगंज को भी प्रतिलिपि  सूचनार्थ के  लिए भेजा|  यही नहीं जिलाधिकारी महोदय ने सोशल मीडिया (फेसबुक) पर अपने बेटे के साथ अकरी खाते हुए फोटो डाली|

खबर लिखने वाले पत्रकारों को बनारस के डीएम का नोटिस

शिकायतकर्ता ने लिखा था: “आपसे निवेदन है कि उक्त मामले में अविलम्ब कार्यवाही का आदेश करें जिससे संवेदशील पत्रकार का संवैधानिक अधिकार सुरक्षित हो सके साथ ही वंचित समुदाय को इज्ज़त के साथ जीवन जीने का अधिकार भी!”

इस शिकायत को मानवाधिकार आयोग ने डायरी संख्या 58948/CR/2020 के तहत दर्ज किया और आज सोमवार को इससे सम्बंधित केस संख्या 10606/24/72/2020 पर सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के प्रमुश सचिव को कार्रवाई का नोटिस जारी कर दिया है.

गौरतलब है कि महज एक हफ्ते पहले प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र के एक और गाँव में भूख से जुड़ी खबर लिखने पर स्क्रॉल नामक वेबसाइट की पत्रकार सुप्रिया शर्मा के खिलाफ़ मुकदमा दर्ज किया गया है.

यह दूसरा मामला है. इस बार प्रशासन ने खुद कार्रवाई न करते हुए उस महिला की तरफ से एफआइआर दर्ज करवाई है जिसका ज़िक्र शर्मा की रिपोर्ट में था.


17 Comments on “बनारस में भुखमरी की पहली रिपोर्ट करने वाले पत्रकारों के उत्पीड़न पर NHRC का चीफ सेक्रेटरी को नोटिस”

  1. Its such as you read my thoughts! You appear to grasp so much about
    this, such as you wrote the book in it or something.
    I believe that you simply could do with a few p.c.
    to force the message house a bit, but instead of that,
    this is excellent blog. A great read. I will definitely be back.

  2. Hello there! Do you know if they make any plugins to
    help with Search Engine Optimization? I’m trying to get my blog to rank for some targeted keywords but I’m not seeing very good gains.

    If you know of any please share. Kudos!

  3. Thank you for any other fantastic post. Where else may just anybody get that kind of info in such a perfect way of writing?
    I’ve a presentation subsequent week, and I’m on the
    search for such info.

  4. Having read this I believed it was rather enlightening.
    I appreciate you finding the time and effort to put this content together.

    I once again find myself spending a significant amount of
    time both reading and posting comments. But so what, it was
    still worthwhile!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *