डॉ. धर्मवीर पर मित्ररंजन का मूल लेख यहां पढ़ें

रविवार 11 अगस्‍त के जनसत्‍ता में मित्ररंजन का एक लेख छपा था ”गढ़े हुए तथ्‍यों का तूमार”, जिसमें डॉ. धर्मवीर के लिखे की आलोचना की गई थी। यह लेख जनसत्‍ता …

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ख्यातिलब्ध चिन्तक कँवल भारती की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रतिरोध पत्र

हम लेखक, कवि, बुद्धिजीवी, ब्लॉगर, फेसबुक यूजर्स वरिष्ठ चिन्तक कँवल भारती की गिरफ्तारी की कार्यवाही की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं. यह अभिव्यक्ति के अधिकार पर हमला है. कँवल …

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अपूर्वानंद-जनसत्‍ता के तर्क ”उदार लोकतंत्र” की सड़क को हाइवे बना देने की शुरुआत हैं: वरवर राव का दूसरा बयान

”मित्रो, 31 जुलाई 2013 को प्रेमचंद जयंती पर हुए कार्यक्रम में आयोजकों द्वारा सिद्धांतविहीन तरीके से एक हिंदू साम्‍प्रदायिक व्‍यक्ति व वैश्‍वीकरण के समर्थक एक कॉरपोरेट साहित्‍यकार को तर्कहीन बहस खड़ी करने …

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